सुकमा (नवीन कश्यप) – नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के पोलमपल्ली गांव के लिए आज का दिन गौरवपूर्ण रहा. क्षेत्र के सक्रिय युवा नेता मड़कम भीमा को छत्तीसगढ़ युवा मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. इस नियुक्ति की खबर मिलते ही न केवल पोलमपल्ली, बल्कि पूरे सुकमा जिले के युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

समाज सेवा से प्रदेश स्तर तक का सफर

​मड़कम भीमा लंबे समय से सुकमा के ग्रामीण इलाकों में समाज सेवा और युवाओं के हक की आवाज उठाते रहे हैं. उनकी जमीनी पकड़ और सांगठनिक क्षमता को देखते हुए ही संगठन ने उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है. स्थानीय लोगों का मानना है कि भीमा की नियुक्ति से बस्तर के दूरस्थ अंचलों की समस्याओं को प्रदेश स्तर पर एक मजबूत मंच मिलेगा.

प्राथमिकता : शिक्षा, रोजगार और शांति

​अपनी नियुक्ति के बाद मड़कम भीमा ने भविष्य की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि:

भटकाव को रोकना : सुकमा जैसे क्षेत्रों के युवाओं को हिंसा के रास्ते से हटाकर सकारात्मक दिशा में ले जाना.

कौशल विकास : युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना.

समग्र विकास : नक्सल प्रभावित अंचलों में स्थायी शांति के लिए युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना.

​भीमा ने कहा, “यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन और मंच मिले, तो वे समाज की तस्वीर बदल सकते हैं. मेरा लक्ष्य युवाओं को विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बनाना है.”

बदलाव की नई उम्मीद

​पोलमपल्ली गांव, जो कभी संघर्षों के लिए खबरों में रहता था, अब मड़कम भीमा जैसे जागरूक नेतृत्व के कारण सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ रहा है. स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए जश्न मनाया है. जानकारों का मानना है कि भीमा का यह नया उत्तरदायित्व क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहतर भविष्य और विकास के नए द्वार खोलेगा.

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