जगदलपुर (डेस्क) – नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की FIR को अदालत द्वारा रद्द किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक पारा चढ़ गया है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आज बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर/ग्रामीण) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जगदलपुर स्थित भाजपा कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की.
‘संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग बंद करो’
राजीव भवन से शुरू हुई कांग्रेस की विशाल रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए भाजपा कार्यालय पहुंची. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “भाजपा की केंद्र सरकार ने ED और CBI जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपना हथियार बना लिया है. सोनिया गांधी और राहुल गांधी को केवल राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से परेशान किया गया, लेकिन अदालत के फैसले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के ‘घिनौने षड्यंत्र’ को बेनकाब कर दिया है.”
सत्य की हुई जीत : पूर्व विधायक
प्रदर्शन में शामिल पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि भाजपा ने गांधी परिवार की छवि खराब करने के लिए नेशनल हेराल्ड का झूठा जाल बुना था. अब जबकि कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेना भी उचित नहीं समझा, यह साफ हो गया है कि पूरा मामला केवल राजनीतिक द्वेष पर आधारित था.
प्रदर्शन में उमड़ा जनसैलाब
घेराव के दौरान कांग्रेस के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों—सेवादल, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया. पुलिस प्रशासन को प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व विधायक रेखचंद जैन, राजमन बेंजाम, चंदन कश्यप, पूर्व महापौर जतिन जायसवाल, कविता साहू, रामशंकर राव, युवा कांग्रेस अध्यक्ष निकेत राज झा और शहर जिला मीडिया प्रभारी शादाब अहमद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे.