बीजापुर (डेस्क) – नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग शिकायत को खारिज किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सियासी पारा चढ़ गया है. गुरुवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने इस फैसले का स्वागत करते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया और भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय का घेराव किया.
केंद्र सरकार पर बरसे लालू ठाकुर
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर ने अदालत के फैसले को “सत्य की जीत” करार दिया. कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राठौर ने कहा, “यह फैसला मोदी-शाह और भाजपा की उस साजिश का पर्दाफाश है, जिसके तहत फर्जी मामला गढ़कर नेशनल हेराल्ड, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई थी. न्यायपालिका ने ईडी की याचिका खारिज कर स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है.”
भाजपा कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी

सैकड़ों की संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. प्रदर्शनकारी “लोकतंत्र की हत्या बंद करो” और “राजनीतिक द्वेष का अंत” जैसे नारों के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर रहे थे. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है, लेकिन अंततः सच्चाई की ही जीत हुई है.
वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
शक्ति प्रदर्शन के दौरान बीजापुर कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता सड़क पर उतरे. इनमें मुख्य रूप से
पूर्व जनप्रतिनिधि : पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, पूर्व सदस्य कमलेश कारम, बसंत राव ताटी और पूर्व पालिका अध्यक्ष बेनहूर रावतिया.
वर्तमान जनप्रतिनिधि : जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, लच्छू राम मौर्य, जनपद अध्यक्ष सोनू पोटाम.
संगठन के पदाधिकारी : जिला महामंत्री सुखदेव नाग, मीडिया प्रभारी राजेश जैन, पीसीसी सदस्य आर वेणुगोपाल राव, नगर अध्यक्ष पुरुषोत्तम खत्री एवं महिला कांग्रेस अध्यक्ष गीता कमल.
प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI) और सभी मोर्चा प्रकोष्ठों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए. इस घेराव के चलते भाजपा कार्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए.