सुकमा (डेस्क) – गुरुवार की रात सुकमा मेन रोड पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी शॉप को दहलाने की कोशिश की. यह घटना जितनी चौंकाने वाली थी, उससे कहीं ज्यादा हैरान कर देने वाली रही पुलिस की वह तूफान-सी कार्रवाई, जिसने सिर्फ तीन घंटे के भीतर ही पूरी वारदात का पर्दाफाश कर दिया.
पिस्टल दिखाकर शुरू की लूट, लेकिन शोर ने बिगाड़ दिया खेल
रात करीब 8:30 बजे, जब मेन रोड पर चहल-पहल थी, दो आरोपी पिस्टल लहराते हुए दुर्गा ज्वेलर्स में घुस गए. उन्होंने दुकान संचालक को धमकाया और कीमती आभूषण समेटना शुरू कर दिया. संचालक ने हिम्मत दिखाते हुए अचानक ज़ोर से शोर मचाया. शोर सुनते ही आसपास के लोग तुरंत जमा हो गए और तत्काल कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को लूटे गए माल के साथ मौके पर ही पकड़ लिया. हालांकि, दूसरा आरोपी हथियार के साथ अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा.
SP की कमान में ‘ऑपेरशन 3 घण्टे’ : अपराधियों का हर रास्ता बंद
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सुकमा किरण चव्हाण ने मोर्चा संभाला. उन्होंने तुरंत वार रूम से स्थिति की मॉनिटरिंग शुरू की और फरार आरोपी की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों को मैदान में उतारा. शहर की सीमाओं को सील कर दिया गया, जगह-जगह सघन नाकाबंदी और चेकिंग अभियान चलाया गया. पुलिस की यह कार्रवाई इतनी तेज और सुनियोजित थी कि भागने वाले अपराधी के पास छिपने या शहर से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा.
सिर्फ 180 मिनट में दोनों अपराधी सलाखों के पीछे
पुलिस की त्वरित रणनीति का परिणाम अभूतपूर्व रहा. रात की सघन तलाशी और घेराबंदी के दम पर, फरार दूसरे आरोपी को भी महज तीन घंटे के भीतर हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया गया.
इस हैरतअंगेज कार्रवाई ने न सिर्फ एक बड़ी वारदात को होने से रोका, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि सुकमा पुलिस की मुस्तैदी अपराधियों के हर मंसूबे पर भारी है. पुलिस अब दोनों आरोपियों से उनके गैंग कनेक्शन और अन्य संभावित योजनाओं के बारे में पूछताछ कर रही है.
अंधेरे में हुई इस सनसनीखेज वारदात का अंत, सुकमा पुलिस की रोशनी जैसी तत्परता से हुआ. इस तेज रफ्तार कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि इस शहर में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है.