जगदलपुर (डेस्क) – छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध अब तक के सबसे बड़े और निर्णायक अभियानों में से एक को अंजाम देते हुए 18 माओवादियों को मार गिराया है. इस मुठभेड़ में कुख्यात माओवादी कमांडर DVCM वेल्ला मोड़ियम (जिस पर ₹10 लाख का इनाम था) भी मारा गया है. हालांकि, इस बड़ी सफलता के लिए सुरक्षा बलों को भारी कीमत चुकानी पड़ी है. इस भीषण संघर्ष में डीआरजी (DRG) बीजापुर के तीन जांबाज जवान वीरगति को प्राप्त हुए हैं.

ऑपेरशन कचीलवार-पोटेनार : 24 घण्टे चला भीषण मुकाबला

​यह मुठभेड़ बीजापुर के थाना भैरमगढ़, जांगला और नैमेड के सीमावर्ती क्षेत्रान्तर्गत कचीलवार-पोटेनार के सघन जंगलों में 03 दिसंबर की सुबह 9:00 बजे शुरू हुई और अगले दिन सुबह 8:00 बजे तक रुक-रुक कर चलती रही.

संयुक्त बल : डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ और कोबरा 210 की संयुक्त टीम PLGA कंपनी नंबर 02 के कमांडर वेल्ला मोड़ियम और अन्य 25-30 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर अभियान पर निकली थी.

हताहत : पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने पुष्टि की कि मुठभेड़ स्थल से कुल 18 माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 9 महिला माओवादी भी शामिल हैं.

माओवादी नेतृत्व को बड़ा झटका, वेल्ला मोड़ियम

​यह अभियान माओवादी संगठन की कमर तोड़ने वाला साबित हुआ है. मारे गए 18 कैडरों में से 16 की प्रारंभिक शिनाख्त हो गई है.

प्रमुख मृत माओवादी : PLGA कंपनी नंबर 02 इंचार्ज, DVCM वेल्ला मोड़ियम (₹10.00 लाख का इनाम), CyPC रैनु ओयाम, DVCM सन्नू अवलम, PPCM नन्दा मीड़ियम, और PPCM लालू ऊर्फ सीताराम सहित अन्य कैडर मारे गए हैं.

आपराधिक रिकॉर्ड : यह माओवादी कमांडर बीजापुर के विभिन्न थानों में दर्ज 44 आपराधिक मामलों में वांछित था. वह 2013 के झीरम घाटी हमले, 2020 के मिनपा कैम्प अटैक और 2021 के टेकलगुड़ियम मुठभेड़ जैसी प्रमुख घटनाओं में शामिल रहा था.

भारी मात्रा में ऑटोमेटिक हथियार बरामद

​मुठभेड़ स्थल पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और युद्ध सामग्री बरामद की है, जिनमें शामिल हैं:

​01 नग LMG (लाइट मशीन गन)
​04 नग AK 47 राइफलें
​04 नग 7.62 SLR (सेल्फ-लोडिंग राइफल)
​01 नग 5.56 INSAS राइफल
​02 नग .303 रायफल
​04 नग Single Shot Rifle और 02 नग BGL लॉन्चर

इसके अलावा, विस्फोटक सामग्री, रेडियो, स्केनर, माओवादी वर्दी और साहित्य भी बड़ी संख्या में जब्त किए गए हैं.

राष्ट्र ने खोए 3 वीर सपूत

​इस निर्णायक जीत के दौरान, मातृभूमि की सेवा करते हुए डीआरजी बीजापुर के तीन बहादुर जवान शहीद हो गए.

● ​शहीद प्रधान आरक्षक मोहन बड़दी

● ​शहीद आरक्षक दुकारूराम गोंदे

● ​शहीद जवान रमेश सोढ़ी

​आज बीजापुर जिला मुख्यालय पर पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी, स्थानीय विधायकगण और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उन्हें पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी गई. मुठभेड़ में घायल हुए तीन जवान खतरे से बाहर हैं और बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रायपुर रवाना किए गए हैं.

नक्सल विरोधी अभियानों में रिकॉर्ड सफलता

​पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टीलिंगम ने बल की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि मजबूत समन्वय के कारण अब अभियान और अधिक तीव्र हो गए हैं. उन्होंने जानकारी दी कि जनवरी 2024 से अब तक बस्तर संभाग में 469 माओवादी कैडरों के शव बरामद किए जा चुके हैं. ​बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों के प्रयासों से माओवादी संगठन पर जबरदस्त दबाव बना है.

​जनवरी 2024 से अब तक जिले में कुल 219 माओवादी मारे गए, 1049 गिरफ्तार हुए, और 790 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में आत्मसमर्पण किया है.

आईजी ने स्पष्ट सन्देश दिया : “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है — एक शांतिपूर्ण और नक्सल-मुक्त बस्तर. मौजूदा परिस्थितियों में माओवादी संगठन पूरी तरह घिर चुका है और अब उसके पास हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचा है.”

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