जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर जिले के शिक्षा विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिला शिक्षा अधिकारी बलीराम बघेल ने एक प्रधान अध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में घोर लापरवाही और एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से बदसलूकी से जुड़ा है.
निलंबन की मुख्य वजहें
नाम : स्वतंत्र अवस्थी, प्रधान अध्यापक (प्राथमिक शाला खामेश्वरीपारा राजनगर, विकासखण्ड बकावण्ड).
आरोप-1 : मतदाता सूची पुनरीक्षण (BLO कार्य) जैसे महत्वपूर्ण कार्य में गंभीर लापरवाही.
आरोप-2 एसडीएम/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बकावण्ड के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान शराब के नशे में पाया जाना.
आरोप-3 : नशे की हालत में एसडीएम के साथ अभद्र व्यवहार और बदतमीजी करना.
मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसडीएम बकावण्ड की अनुशंसा पर Headmaster स्वतंत्र अवस्थी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई. निलंबन आदेश में यह साफ किया गया है कि उनकी मेडिकल जांच रिपोर्ट में भी शराब का सेवन करना प्रमाणित पाया गया है. एक तरफ जहाँ प्रशासन डिजिटाइजेशन जैसे कार्यों पर जोर दे रहा है, वहीं बीएलओ (BLO) जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात शिक्षक का शराब के नशे में ड्यूटी पर रहना सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का सीधा उल्लंघन है.
आगे क्या ?
डीईओ ने स्वतंत्र अवस्थी को प्रथम दृष्ट्या दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय अब खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दरभा होगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.