जगदलपुर (डेस्क) – पूरे छत्तीसगढ़ और विशेषकर बस्तर संभाग के लिए यह गर्व का क्षण है. बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (Eklavya Model Residential School – EMRS) गढ़िया की कक्षा 8वीं की अद्भुत प्रतिभाशाली छात्रा सुभद्रा कश्यप ने राष्ट्रीय खेल पटल पर अपनी छाप छोड़ी है.
ओडिशा के सुंदरगढ़ में हाल ही में आयोजित चौथे राष्ट्रीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्पोर्टस मीट में, सुभद्रा ने अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और अचूक एकाग्रता का प्रदर्शन करते हुए शतरंज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है.
छोटी उम्र, बड़ी जीत
एक ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्र से आने वाली इस बेटी ने अपनी निर्णायक चालों से देश भर के श्रेष्ठ खिलाड़ियों को मात दी और पोडियम के शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया. उसकी यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा सुविधाओं की मोहताज नहीं होती.
संस्था प्रमुख ऊषा शुक्ला ने इसे ‘ऐतिहासिक जीत’ बताते हुए कहा कि सुभद्रा ने यह साबित कर दिया है कि बस्तर की बालिकाओं में अद्भुत क्षमता है. यह सफलता हजारों युवा प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई है, जो यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर छोटे से क्षेत्र के बच्चे भी राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं.
सुभद्रा कश्यप की यह स्वर्णिम सफलता पूरे छत्तीसगढ़ राज्य और बस्तर के गौरव को बढ़ाती है.