जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर जिले से एक चौंकाने वाला वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. एक सेवारत सीआरपीएफ जवान के पैन कार्ड (PAN Card) का छलपूर्वक इस्तेमाल करके, अज्ञात जालसाज़ों ने उनके नाम पर एक फर्जी कंपनी खोल दी और करोड़ों रुपये का अवैध व्यापार किया. मामला तब सामने आया जब जवान को आयकर विभाग (Income Tax Department) की तरफ से ₹10.51 करोड़ (दस करोड़, इक्यावन लाख रुपये से अधिक) की भारी-भरकम राशि का टैक्स नोटिस मिला. इस मामले की पुष्टि सायबर सेल प्रभारी डीएसपी गीतिका साहू ने की है.
फर्जीवाड़े का जाल
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, जवान को हाल ही में आयकर विभाग, जगदलपुर से एक नोटिस प्राप्त हुआ. नोटिस में वित्तीय वर्ष 2019-2020 और 2020-21 के दौरान उनकी कथित कंपनी द्वारा की गई अत्यधिक खरीदी-बिक्री का उल्लेख था. जवान ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने न तो कोई कंपनी खोली है और न ही किसी वित्तीय लेन-देन में शामिल हैं. नोटिस में 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का उल्लेख है, जो अज्ञात जालसाज़ों द्वारा किए गए बड़े पैमाने के वित्तीय फ्रॉड की ओर इशारा करता है.
पीड़ित जवान वर्तमान में बस्तर जिले में ही तैनात हैं. उनका पैन कार्ड नंबर (PAN) का इस्तेमाल कर, उनके नाम से यह सारा व्यापार किया गया.
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए, बकावण्ड पुलिस थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने मामले को धारा 318 (4) बीएनएस के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है. यह मामला दिखाता है कि कैसे साइबर अपराधी अब पहचान चुराकर सरकारी दस्तावेज़ों का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं.
बरतें सावधानी : अपने वित्तीय और पहचान संबंधी दस्तावेजों के उपयोग की नियमित जाँच करें, और किसी भी अनाधिकृत गतिविधि या संदिग्ध नोटिस की सूचना तुरंत पुलिस और संबंधित विभाग को दें.