जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर जिले में निजी स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अनियमितताओं पर कलेक्टर हरिस एस. के निर्देश पर जिला नर्सिंग होम एक्ट समिति ने ऐतिहासिक और बड़ी कार्रवाई की है. नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने, नियमों का पालन न करने और संचालन करने वाले कुल 20 निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर गाज गिरी है.

₹1 लाख का जुर्माना : इन 5 संस्थानों पर लगा अर्थदंड

​नियमों के उल्लंघन और कमियां पाए जाने पर जिला नर्सिंग होम एक्ट समिति ने 05 निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रति संस्था ₹20 हजार, कुल एक लाख रूपए का भारी जुर्माना अधिरोपित करने की अनुशंसा की है.

इन संस्थानों के नाम है :

​स्पर्श पॉलीक्लीनिक
​स्पर्श पैथोलॉजी लैब
​बालाजी पॉलीक्लीनिक
​मेडिकेयर पैथोलॉजी लैब
​बालाजी डायग्नोस्टिक सर्विसेस

15 संस्थानों के पंजीयन आवेदन

वहीं, ​अपूर्ण आवेदन और नियमों से संबंधित अहर्ता पूर्ण न होने के कारण 15 निजी स्वास्थ्य संस्थानों के पंजीयन संबंधी आवेदन पत्रों को अस्वीकृत करने की अनुशंसा की गई है.

जिनके नाम निम्नलिखित है :

​वशिष्ठ आयुर्वेदिक क्लीनिक (धरमपुरा से संबंधित कलेक्शन सेंटर)
​संजीवनी क्लीनिक (नगरनार)
​डॉ० गोपेश कुमार क्लीनिक (पुराना गीदम रोड)
​डॉ. आजाद डायग्नोस्टिक (चोकावाड़ा)
​डॉ. आजाद डायग्नोस्टिक (प्रताप देव वार्ड)
​पंजाब पॉलीक्लीनिक (प्रताप देव वार्ड)
​स्वास्थ्य हित पॉलीक्लीनिक (सेमरा)
​प्रीयांश पॉलीक्लीनिक (परपा नाका)
​डॉ. हेमंत कुमार कलेक्शन सेंटर (बालाजी वार्ड)
​डॉ. सोनी पॉलीक्लीनिक (भैरम देव वार्ड)
​पैथोलॉजी लैब कलेक्शन सेंटर (उसरीबेड़ा)
​राधा-स्वामी हॉस्पीटल (आडावाल)
​डॉ. योगिता पॉलीक्लीनिक (कस्तुरी)
​दंतेश्वरी ट्रॉमा एण्ड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल (धरमपुरा रोड)
​उज्जवल डाइग्नोस्टिक सेंटर (डॉ० लागू हास्पीटल रोड)

कलेक्टर का सख्त निर्देश

​कलेक्टर एवं परिवेक्षी अधिकारी नर्सिंग होम एक्ट हरिस एस. ने कड़े निर्देश दिए हैं कि बिना उचित पंजीयन के राज्य के बाहर के चिकित्सकों के माध्यम से सेवाएं देने वाली संस्थाओं और नियमों का पालन नहीं करने वाली सभी पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थाओं की पुनः जांच कर उन्हें बंद करने की नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए.

​नोडल अधिकारी डॉ. भवर शर्मा ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों एवं अवैध लैब संचालकों पर भी कार्यवाही हेतु निरीक्षण दल बनाकर कार्रवाई की जाएगी. यह कार्रवाई लोगों को बेहतर एवं वैधानिक निजी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार जारी रहेगी.

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