जगदलपुर. छत्तीसगढ़ की साय सरकार (भाजपा) द्वारा ‘बिजली बिल हाफ योजना’ को बंद करने और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के विरोध में बुधवार को बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने विशाल प्रदर्शन किया. कांग्रेस ने इस कदम को आम जनता पर “आर्थिक बोझ और अत्याचार” बताते हुए चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा. बस्तर जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य और ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर गीदम रोड स्थित बिजली विभाग का घेराव किया और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा.

“हाफ योजना” बंद करना जनविरोधी कदम
शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने इस फैसले को गरीब, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों के हितों के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन की बिजली बिल हाफ योजना का सीधा लाभ 54 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिलता था, जिसे भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया है. सुशील मौर्य ने आरोप लगाया, “हाफ बिजली योजना खत्म करने के बाद आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का पहाड़ टूट पड़ा है. कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी, फिर भी हमें महंगी बिजली बेची जा रही है. छत्तीसगढ़ सरप्लस राज्य होने के बावजूद इतनी महंगी बिजली देना सीधा अन्याय है.” उन्होंने सत्ता के संरक्षण में बिजली चोरी और लाइन लॉस बढ़ने का भी आरोप लगाया, जिसकी भरपाई जनता से की जा रही है.
बिल दो से तीन गुना बढ़ा : कांग्रेस
ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने दावा किया कि बिजली बिल हाफ योजना को सीमित करने के बाद बिल दो से तीन गुना बढ़कर आ रहे हैं, जिससे आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार 400 यूनिट तक बिजली हाफ करती थी, जिसे साय सरकार ने घटाकर केवल 100 यूनिट तक कर दिया है. प्रेमशंकर शुक्ला ने भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियों के कारण आम जनता को त्रस्त करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी ऐसे अन्यायपूर्ण फैसलों का पुरजोर विरोध करती है. उन्होंने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती की शिकायतों को भी उठाया.

प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने भाजपा सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी. सुशील मौर्य ने कहा, “यदि हमारी मांगें (बिजली बिल हाफ योजना बहाल करना और दर वृद्धि वापस लेना) नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा.”

प्रदर्शन में पूर्व महापौर जतिन जायसवाल, वरिष्ठ कांग्रेसी उमाशंकर शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.