जगदलपुर (डेस्क) – कांग्रेस पार्टी ने ज़मीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत करने और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल, ‘सृजन अभियान’ की शुरुआत की है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) पर्यवेक्षक और संगठन सृजन प्रभारी सप्तगिरि शंकर उल्का ने ग्रैंड शिल्पी इंटरनेशनल होटल में आयोजित एक प्रेसवार्ता में इसकी घोषणा की. इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी उपस्थित रहे.
2025 होगा ‘संगठन का वर्ष’
सप्तगिरि शंकर उल्का ने बताया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने वर्ष 2025 को ‘संगठन का वर्ष’ घोषित किया है. यह निर्णय दिसंबर 2024 में कर्नाटक में आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में लिया गया था, जिसके बाद संगठन निर्माण का कार्य शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि देश में अब युवा नेतृत्व की आवश्यकता है, और इसी को ध्यान में रखते हुए नई लीडरशिप तैयार की जा रही है. इस अभियान की शुरुआत सबसे पहले गुजरात से हुई थी.
जिला अध्यक्षों के चयन लिए जमीनी फीडबैक
सप्तगिरि शंकर उल्का ने जानकारी दी कि अभियान के तहत AICC द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों का दौरा शनिवार से शुरू हो चुका है. ये पर्यवेक्षक राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर जिला अध्यक्षों के चयन के लिए जमीनी फीडबैक जुटा रहे हैं. उन्होंने कहा, “वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर हर जिले और ब्लॉक से फीडबैक लिया जा रहा है, जिससे जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो सके.” कांग्रेस का लक्ष्य है कि ज़मीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को संगठन से किस तरह जोड़ा जाए, इसे समझा जाए. संवाद के आधार पर जो निष्कर्ष निकलेंगे, उन्हें नेतृत्व से साझा कर संगठन को नए रूप में सक्रिय किया जाएगा ताकि पार्टी भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं का बेहतर तरीके से सामना कर सके. अभियान के पूरा होने पर पूरी रिपोर्ट कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को सौंपी जाएगी.
इस प्रेसवार्ता में संगठन सृजन प्रभारी सप्तगिरि उल्का, सहप्रभारी प्रेमसाय सिंह टेकाम, प्रेमचंद जायसी, नोवेल वर्मा, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, उमाशंकर शुक्ला, पूर्व विधायक रेखचंद जैन और जतिन जायसवाल सहित कई नेता मौजूद रहे.