जगदलपुर (डेस्क) – शहर में आवारा स्वानों की बढ़ती समस्याओं के समाधान, उनके संरक्षण और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने की दिशा में नगर पालिक निगम, जगदलपुर और स्ट्रे सेफ़ फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया है. यह पहल पशु कल्याण और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी.
इस संबंध में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में महापौर संजय पांडे और आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित फाउंडेशन के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में स्वानों की स्थिति, नागरिकों की सुरक्षा और मानव-पशु सह-अस्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
महापौर संजय पांडे ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि “शहर में मानव और पशु दोनों के सह-अस्तित्व को ध्यान में रखते हुए हमें कार्य करना होगा. सड़क पर रहने वाले स्वान भी हमारे पर्यावरण का हिस्सा हैं, और उनके जीवन की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है.”
बैठक में स्वानों के जीवन और शहरवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए :
● नसबंदी अभियान : स्वानों की संख्या को नियंत्रित करने और अनियंत्रित प्रजनन को रोकने के लिए शीघ्र ही नसबंदी (Sterilization) अभियान शुरू किया जाएगा.
● व्यापक टीकाकरण : खतरनाक बीमारियों से सुरक्षा और संक्रमण का खतरा कम करने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जाएगा.
● शेल्टर होम की स्थापना : रेबीज संक्रमित स्वानों के लिए शेल्टर होम स्थापित करने पर सहमति बनी, जहाँ उन्हें सुरक्षित स्थान पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके.
● विशेषज्ञों की तैनाती : नसबंदी और टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए पशु चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा ने इस पहल के लिए फाउंडेशन को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि निगम पशु संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
बैठक में स्ट्रे सेफ़ फाउंडेशन के अध्यक्ष लुप्तेश जगत, वंदना सोलंकी, आकाश यादव और सौरभ अहलूवालिया सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे. सभी ने इस संयुक्त पहल को जनसहयोग के माध्यम से सफल बनाने का संकल्प लिया.
यह प्रयास शहर में पशु संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई शुरुआत है, जो मानव और पशु दोनों के लिए एक सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण तैयार करेगा.