जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर की संस्कृति और सादगी का मनमोहक दृश्य तब साकार हो उठा, जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में एक नन्ही बच्ची को दुलार से अपनी गोद में बिठाया और अपने हाथों से महुआ लड्डू खिलाया. यह पल इतना आत्मीय था कि इसने पूरे समारोह को प्रेम और वात्सल्य से भर दिया.

​यह प्यारी बच्ची थी भूमिका बघेल, जो अपने पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी अपने दादा के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी. उसकी मासूमियत और निश्छल मुस्कान ने सभी का मन मोह लिया. मुख्यमंत्री ने बड़ी सहजता से उसका नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा. जब भूमिका ने बताया कि वह दीप्ति कॉन्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती है, तो मुख्यमंत्री ने उसकी शिक्षा के प्रति उत्साह को सराहा.

​इस हृदयस्पर्शी क्षण ने यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री श्री साय न केवल एक राजनेता हैं, बल्कि एक संवेदनशील और सरल हृदय व्यक्ति भी हैं. उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा को अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया है. उन्होंने यह भी कामना की कि बस्तर की हर बेटी, खासकर भूमिका जैसी बच्चियां, खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और अपनी संस्कृति से हमेशा जुड़ी रहें.

​यह दृश्य बस्तर की संस्कृति की सुंदरता और मुख्यमंत्री श्री साय के लोगों, खासकर बच्चों, से गहरे जुड़ाव को दर्शाता है. यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की धरती से उपजे एक ऐसे रिश्ते की कहानी है, जहाँ सरकार का नेतृत्व और जनता का हृदय एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं.

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