जगदलपुर (डेस्क) – छत्तीसगढ़ के मंत्री केदार कश्यप द्वारा सर्किट हाउस के एक कर्मचारी के साथ कथित मारपीट के विरोध में आज कांग्रेस ने उनके जगदलपुर स्थित निवास का घेराव किया. प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमीन पर बैठकर “रघुपति राघव राजा राम, केदार को सद्बुद्धि दे भगवान” गीत गाकर मंत्री के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के पास कांग्रेसियों और जवानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, और मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.

क्या है पूरा मामला ?
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहर) सुशील मौर्य ने बताया कि बीते शनिवार, 5 अगस्त की शाम को सर्किट हाउस में मंत्री केदार कश्यप ने एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी से मारपीट की थी. इस घटना के बाद, पीड़ित कर्मचारी और उसकी पत्नी ने कोतवाली थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है. कांग्रेस ने मांग की है कि मंत्री केदार कश्यप को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
कांग्रेस ने लगाए गम्भीर आरोप
सुशील मौर्य ने आरोप लगाया कि मंत्री और उनके विभाग के कर्मचारी पीड़ित परिवार को लगातार डरा-धमका रहे हैं, जिसके कारण घटना के दो दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं हो पाई है. उन्होंने यह भी कहा कि केदार कश्यप पहले भी मुन्नीबाई प्रकरण और कोंडागांव में मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं. सुशील मौर्य ने जोर देकर कहा कि पीड़ित कर्मचारी न्याय के लिए खड़ा है, भले ही उसे अपनी नौकरी खोने का डर हो.
कांग्रेस ने सरकार से यह भी मांग की है कि पीड़ित कर्मचारी को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाए और उसकी नौकरी पर कोई आंच न आए. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी.

जब मुख्यमंत्री और भाजपा द्वारा कांग्रेस पर “झूठा प्रचार” करने के आरोप के बारे में पूछा गया, तो सुशील मौर्य ने कहा कि कोई भी आम कर्मचारी किसी मंत्री पर झूठा आरोप नहीं लगाएगा. उन्होंने दावा किया कि भाजपा और मुख्यमंत्री अपनी नाकामियों और मंत्री के “करतूतों” को छिपाने के लिए यह सब कर रहे हैं.