सुकमा (डेस्क) – नियमितीकरण, ग्रेड पे और 10 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. शुक्रवार को आंदोलन के 19वें दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मंच पर पहुँचकर कर्मचारियों को समर्थन दिया.
सुकमा कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष हरीश कवासी, जिला पंचायत अध्यक्ष सोयम मंगम्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश्वरी बघेल, गीता कवासी और बबीता मंडावी ने हड़ताली कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया.

हरीश कवासी ने कहा—“स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोरोना काल में जान की बाज़ी लगाकर लोगों की सेवा की. आज जब वे अपने अधिकार मांग रहे हैं तो सरकार जवाब नहीं दे रही. वादाखिलाफी की भी हद होती है. संवेदनशील जिलों में जान हथेली पर रखकर काम करने वाले ये कर्मचारी अगर आज सड़कों पर हैं, तो इसका जवाब शासन को देना होगा. सरकार का रवैया धोखाधड़ी ही नहीं बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है.”
कर्मचारी संघ का आरोप है कि शासन अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय केंद्र का हवाला दे रहा है, जबकि NHM नियमितीकरण राज्य सरकार के हाथ में है. उनका कहना है कि मध्यप्रदेश में कर्मचारियों को 62 साल तक जॉब सिक्योरिटी, अनुकंपा नियुक्ति और ग्रेड पे दिया जा रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ में वादे पूरे नहीं किए जा रहे.
हड़ताल से सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाएँ चरमराई हुई हैं. उप स्वास्थ्य केंद्र, आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में कामकाज ठप है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम भी स्थगित हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा.
संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश साहू, उपाध्यक्ष रीना नायडू और प्रवक्ता डॉ. मुकेश बख्शी ने चेतावनी दी है कि जब तक नियमितीकरण, ग्रेड पे, जॉब सिक्योरिटी और 27% लंबित वेतन वृद्धि पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा. जरूरत पड़ने पर इसे और उग्र भी किया जाएगा.