जगदलपुर (डेस्क) – विकास खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन ने आज गुरुवार को बस्तर विकासखंड की विभिन्न शासकीय शालाओं का निरीक्षण किया. इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता, अधोसंरचना, शिक्षक उपस्थिति और विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का मूल्यांकन करना था.

निरीक्षण के दौरान श्रीमती देवांगन ने एकलव्य आवासीय विद्यालय, बेसोली का दौरा किया और भवन, आश्रम और पेयजल समस्याओं का निरीक्षण किया. उन्होंने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए और छात्रावास कक्षों की स्थिति का अवलोकन किया.

इसके अलावा उन्होंने कन्या आश्रम, बेसोली में बच्चों को स्वयं पढ़ाया और पहाड़ा, वर्णमाला व सामान्य ज्ञान की जांच की. उन्होंने भवन जर्जर होने के कारण अन्यत्र संचालित कक्षाओं की स्थिति का भी अवलोकन किया. कन्या शिक्षा परिसर भानपुरी में उन्होंने शिक्षकों से संवाद कर बोर्ड परीक्षा हेतु विशेष तैयारी, समय प्रबंधन और उत्तर लेखन पर बल दिया. उन्होंने प्रयोगशालाओं के नियमित उपयोग हेतु निर्देश दिए.

प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला बेसोली में उन्होंने भवन निरीक्षण, मध्यान्ह भोजन की जांच तथा बच्चों से भाषा व गणित संबंधी प्रश्न पूछे. उन्होंने “जादुई पिटारा” के प्रयोग की सराहना की. प्राथमिक शाला खालेपारा में उन्होंने बैठने की कमी और कक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई और शिक्षकों को 10 दिन के भीतर सुधार लाने के निर्देश दिए. प्राथमिक शाला, खुटगुड़ा में उन्होंने बहुभाषा कार्यक्रम की अभ्यास पुस्तिका का अवलोकन किया और शिक्षकों को नियमित अभ्यास कार्य और संदर्शिका अद्यतन करने के निर्देश दिए.

खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती देवांगन ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता को ऊँचाई तक ले जाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. इसके लिए शिक्षकों का सतत प्रयास, ईमानदारी और नवाचार आवश्यक है. उन्होंने सभी शिक्षकों को समय पर विद्यालय में उपस्थित रहने, गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों की निरंतर प्रगति हेतु प्रभावी शिक्षण कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान संकुल समन्वयक गजेंद्र सिंह ठाकुर भी उपस्थित रहे.

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