जगदलपुर (डेस्क) – स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने अभिभाषण में सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र चिंतागुफा के स्वास्थ्य केंद्र की खुलकर तारीफ़ की. उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं और कठिन परिस्थितियों में भी सेवा देने की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है.
मुख्यमंत्री साय ने भावुक होते हुए कहा – “ताड़मेटला, जहाँ हमारे 76 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था, उसके समीप ही स्थित चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को आज राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है. यह हमारे स्वास्थ्यकर्मियों की निष्ठा और सेवा भावना का परिणाम है.”
उन्होंने जानकारी दी कि चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने औसतन 20 प्रसव सुरक्षित रूप से संपन्न होते हैं. इसके अलावा हजारों ग्रामीण निःशुल्क दवाइयों और उपचार का लाभ उठा रहे हैं. उन्होंने इसे राज्य के स्वास्थ्य ढांचे की बड़ी उपलब्धि बताया.
उल्लेखनीय है कि चिंतागुफा, कोंटा विकासखंड का अत्यंत नक्सल प्रभावित और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है. यहाँ वर्षों से हिंसा और असुविधाओं का सामना करने के बावजूद अब स्वास्थ्य सेवाओं की आसान उपलब्धता ने स्थानीय लोगों का जीवन सरल बनाया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद की पकड़ कमजोर होने से विकास की रफ्तार तेज हुई है और आज स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएँ गाँव – गाँव तक पहुँच रही हैं.