सुकमा (डेस्क) – जिले के संवेदनशील थाना कोंटा और भेज्जी क्षेत्र में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस, डीआरजी और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में कोन्टा एरिया कमेटी के सक्रिय छह नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें दो इनामी नक्सली भी शामिल हैं, जिनमें एक पर ₹2 लाख तथा दूसरे पर ₹1 लाख का इनाम घोषित था.
विधानसभा चुनाव के दौरान फायरिंग और हत्या में थे शामिल
गिरफ्तार किए गए इनामी नक्सलियों की पहचान कुंजाम मुका और माड़वी मुया के रूप में हुई है. कुंजाम मुका, ग्राम पीलावाया निवासी, कोन्टा एरिया कमेटी के जनताना सरकार अध्यक्ष के पद पर कार्यरत था. उस पर ₹1 लाख का इनाम घोषित था. माड़वी मुया, ग्राम निलावाया निवासी, कोन्टा एरिया कमेटी के मिलिशिया कमांडर के रूप में सक्रिय था और उस पर ₹2 लाख का इनाम था.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों नक्सली वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान बंडा मतदान केंद्र पर सुरक्षा बलों पर फायरिंग की घटना में शामिल रहे हैं. इसके अलावा माड़वी मुया वर्ष 2024 में गंगराजपाड़ गांव के ग्रामीण ताती बुधरा की निर्मम हत्या में भी आरोपित है. दोनों नक्सली गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से फरार चल रहे थे, जिन्हें पुलिस ने आखिरकार घेराबंदी कर पीलावाया गांव से धर दबोचा.
विस्फोटक सामाग्री के साथ चार और नक्सली दबोचे गए
उधर, भेज्जी थाना क्षेत्र में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस और डीआरजी की टीम ने चार संदिग्धों को एटेगट्टा और गोरखा गांव के बीच हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान इनकी पहचान भी नक्सली के रूप में हुई, जो किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे.
गिरफ्तार नक्सलियों के नाम :
1. माड़वी सुक्का (जनताना सरकार सदस्य),
2. सोड़ी चंदरू (जनताना सरकार सदस्य),
3. मुचाकी लखमा (डीएकेएमएस सदस्य),
4. सोड़ी देवा (जनताना सरकार सदस्य)।
इन आरोपियों ने कबूल किया कि वे पुलिस बल को नुकसान पहुँचाने की योजना बना रहे थे. उनकी निशानदेही पर कोत्ताचेरू व गोरखा के बीच के जंगलों से एक 3 किलो वजनी टिफिन बम, 7 मीटर कोर्डेक्स वायर, 15 मीटर बिजली वायर और 5 नग इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद किए गए. इस कार्रवाई के तहत थाना भेज्जी में विस्फोटक अधिनियम की धारा 4(क) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर लिया गया है.

संयुक्त बल की सटीक रणनीति से मिली कामयाबी
यह कार्रवाई 8 जुलाई 2025 को उस समय की गई जब कोन्टा, भेज्जी थाना बल, डीआरजी और सीआरपीएफ की 218 वीं और 219 वीं बटालियन की बी+जी कंपनी तथा यंग प्लाटून की टीमें नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थीं. टीमें ग्राम नीलामड़गू और निलावाया की ओर रवाना हुई थीं, जहां पीलावाया में घेराबंदी कर दो इनामी नक्सलियों को पकड़ा गया, जबकि भेज्जी क्षेत्र में अलग सूचना के आधार पर चार अन्य नक्सली गिरफ्तार किए गए.
गिरफ्तार सभी छह आरोपियों को 9 जुलाई 2025 को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. इस संयुक्त कार्रवाई में डीआरजी सुकमा, थाना कोंटा/भेज्जी की जिला पुलिस, सीआरपीएफ की 218 वीं बटालियन की बी+जी और यंग प्लाटून तथा 219 वीं बटालियन की आसूचना शाखा की प्रमुख भूमिका रही.
जिला सुकमा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता सुरक्षा बलों के समर्पण, सटीक सूचना और सामंजस्यपूर्ण कार्यवाही का परिणाम है. उन्होंने बताया कि आगे भी जिलेभर में नक्सल उन्मूलन अभियान और तेज़ी से चलाया जाएगा ताकि क्षेत्र में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके.
सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान ने एक बार फिर बड़ी सफलता दर्ज की है. लगातार हो रही गिरफ्तारियां इस बात का संकेत हैं कि सुरक्षा बलों का दबाव बढ़ता जा रहा है और नक्सलियों के लिए सुरक्षित पनाहगाहें अब खत्म हो रही हैं. जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से बस्तर की धरती एक बार फिर विकास और शांति की ओर अग्रसर हो रही है.