जगदलपुर (डेस्क) – नगर निगम जगदलपुर की सामान्य सभा में महापौर संजय पांडे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 239 करोड का बजट प्रस्तुत किया. यह पहला अवसर था जब वे बतौर नवनिर्वाचित महापौर इस गरिमामयी मंच से बजट लेकर जनता के समक्ष उपस्थित हुए. सभा की शुरुआत में उन्होंने “राम राम, जय श्री राम” के उद्घोष से सभी को संबोधित किया.
महापौर संजय पांडे ने अपने उद्बोधन में नगर निगम के अध्यक्ष, मेयर-इन-कौंसिल के सदस्य, समस्त पार्षदगण, मीडिया प्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों तथा जगदलपुर की जनता को हृदय से नमन किया. उन्होंने कहा कि “जगदलपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि यह माँ दंतेश्वरी की गोद में बसी हमारी साझा संस्कृति, विरासत और एकता का प्रतीक है.”
बजट पेश करते हुए महापौर ने इसे अपने लिए केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि “स्वप्न का साकार होना” बताया। उन्होंने कहा कि शहर की जनता ने जो विश्वास उन्हें सौंपा है, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
उन्होंने कहा कि “माँ दंतेश्वरी और मावली माता का आशीर्वाद मुझे इस पवित्र दायित्व को निभाने की शक्ति और प्रेरणा देता है.”
महापौर ने अपने संबोधन में जगदलपुर को एक समृद्ध, स्वच्छ और समावेशी शहर के रूप में विकसित करने का संकल्प भी दोहराया.
नगर निगम जगदलपुर की सामान्य सभा में महापौर संजय पांडे ने वर्ष 2025-26 का बजट सदन में प्रस्तुत करते हुए इसे जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया. अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि “मैं बस्तर के आराध्य माँ दंतेश्वरी, बुढ़ादेव, मावली माता के चरणों में प्रणाम करते हुए, जनता जनार्दन को नमन कर यह संकल्प लेता हूँ कि यह बजट जगदलपुर को प्रगति, समृद्धि और सम्मान के नए शिखर तक ले जाएगा.”
महापौर ने कहा कि यह बजट सिर्फ एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि पूरे शहर की जनता की आशाओं, सुझावों और सपनों का आईना है. इस वर्ष एक अभिनव पहल करते हुए, सोशल मीडिया के माध्यम से आम नागरिकों से सुझाव लिए गए. हमें 4700 से अधिक सुझाव प्राप्त हुए जिनमें स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता, सड़क सुधार, तालाबों के जिर्णोद्धार, हरियाली बढ़ाने और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने जैसी प्राथमिकताओं को शामिल किया गया है.
महापौर संजय पाण्डे ने कहा कि हमने इन सभी सुझावों को गंभीरता से अध्ययन किया और इस बजट में यथासंभव उन्हें समाहित करने का प्रयास किया है. यह बजट जगदलपुर के महान जनता के विचारों, आशाओं, और उनके सपनों का प्रतिबिंब है.
उन्होंने बताया कि नगरपालिक निगम द्वारा तैयार बजट पर विचार विमर्श कर आवश्यक परिवर्धनों एवं अनुदेशों सहित मेयर-इन-कौन्सिल की बैठक बीते 17 अप्रैल के संकल्प क्रमांक 1 के अनुसार नगरपालिक निगम जगदलपुर की वर्ष 2025-26 हेतु अनुमानित एवं 2024-25 की पुनरीक्षित बजट सदन की स्वीकृति हेतु प्रस्तुत कर रहा हूं. नगरपालिक निगम जगदलपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में रू. 2 अरब 30 करोड़ 29 लाख 95 हजार की आय अनुमानित कर रू. 2 अरब 30 करोड़ 61 लाख 59 हजार का व्यय अनुमान प्राकलित किया गया था. इस अनुमान के विरूद्ध वित्तीय वर्ष के अंत में रू. 1 अरब 6 करोड 9 लाख 85 हजार पुनरीक्षित आय तथा 1 अरब 4 करोड़ 21 लाख 5 हजार का पुनरीक्षित व्यय आकलित किया गया है. यह हमारा संकल्प है कि जनता की हर आशा, हर अपेक्षा को विकास की मुख्यधारा में स्थान मिले, महापौर ने भरोसा दिलाया.
महापौर संजय पाण्डे ने कहा कि नगर निगम जगदलपुर द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए रु. 2 अरब 39 करोड़ 22 लाख 99 हजार की आय अनुमानित की गई है, जबकि रु. 2 अरब 39 करोड़ 39 लाख 83 हजार का व्यय प्रस्तावित है. इस प्रकार रु. 16 लाख 84 हजार का घाटा दर्शाते हुए बजट प्रस्तुत किया गया है. इस बजट का मुख्य फोकस शहर की मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर है, विशेषकर जलप्रदाय व्यवस्था को लेकर. “जल ही जीवन है” इस संकल्प को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक घर, मोहल्ला और बस्ती में स्वच्छ व निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 30 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है. बजट में अमृत मिशन के तहत घर-घर जलप्रदाय, पुरानी पाइपलाइनों का नवीनीकरण तथा जल संरक्षण से जुड़े उपायों को प्राथमिकता दी गई है. महापौर संजय पांडे ने स्पष्ट किया कि उनका संकल्प है – “शहर का कोई भी परिवार पेयजल की कमी से न जूझे.”
नगर निगम जगदलपुर ने वर्ष 2025-26 के बजट में केवल मूलभूत आवश्यकताओं तक सीमित न रहते हुए, शहर को स्वच्छ, सुरक्षित, आधुनिक और सुगठित बनाने की दिशा में ठोस योजनाएँ बनाई हैं. स्वच्छता को संस्कृति और स्वास्थ्य का प्रतीक मानते हुए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत कचरा प्रबंधन, सफाई अभियान, अपशिष्ट निपटान और जनजागरूकता जैसे कार्यक्रम शामिल हैं.
विद्युत व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए 5 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. स्ट्रीट लाइटिंग के विस्तार से जगदलपुर की गलियों को रोशन और सुरक्षित बनाया जाएगा.
अधोसंरचनात्मक विकास के अंतर्गत शहर के हर गली-मोहल्ले में सीसी रोड, नाली, पुलिया, ड्रेनेज सिस्टम, डिवाइडर और सड़क डामरीकरण जैसे कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपए की बड़ी राशि प्रस्तावित की गई है.
इसके साथ ही, कुशाभाऊ ठाकरे अंर्तराज्यीय बस स्टैंड के आधुनिकीकरण हेतु 5 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है. इसके अंतर्गत प्रतीक्षालय, स्वच्छता केंद्र, यात्री सुविधा, पार्किंग और सूचना केंद्र की व्यवस्था की जाएगी, जिससे यह बस स्टैंड आधुनिक स्वरूप में विकसित हो सके.
जगदलपुर बैराज योजना को इस बजट में विशेष प्राथमिकता दी गई है. इन्द्रावती नदी पर प्रस्तावित यह बैराज योजना शहर को पेयजल और निस्तारी जल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करेगी. साथ ही, इससे सिंचाई और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. छत्तीसगढ़ और ओड़िसा राज्यों के बीच जल बंटवारे की समस्या को ध्यान में रखते हुए, 80 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके लिए जल संसाधन विभाग के सहयोग से कार्य किया जाएगा. महापौर ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए राज्य के जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप का आभार प्रकट किया.
शहर की ऐतिहासिक पहचान को संजोए रखने हेतु दलपत सागर, गंगामुंडा और पंडरी तरई तालाब के जिर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण हेतु 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. जलकुंभी सफाई, गाद निकासी, जल संरक्षण, वॉकवे, बोटिंग, प्रकाश व्यवस्था और बैठने की समुचित व्यवस्था को शामिल किया गया है. तालाबों की सफाई के लिए स्वदेशी तकनीकों के साथ-साथ पॉन्ड मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध रामवीर तंवर का मार्गदर्शन लिया जा रहा है, जिससे इन जलस्रोतों का पुनर्जीवन और संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा.
जगदलपुर शहर के सर्वांगीण विकास की दिशा में नगर निगम ने इस बजट में नागरिकों की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने वाले अनेक पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया है.
पार्कों और मैदानों का सौंदर्यीकरण शहर की सांसें हैं. सिटी ग्राउंड, हाथा ग्राउंड, लालबाग मैदान, शहीद पार्क समेत अन्य पार्कों के जिर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. लोकमान्य तिलक वार्ड में एक सर्वसुविधायुक्त पार्क की योजना तैयार की गई है, जिसमें बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, जॉगिंग ट्रैक, ओपन जिम, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
बाजारों के सुव्यवस्थापन के अंतर्गत संजय बाजार और अन्य प्रमुख बाजारों की पार्किंग, साफ-सफाई, सार्वजनिक शौचालय, कचरा प्रबंधन, पेयजल, सुरक्षा और सूचना केंद्र जैसी सुविधाओं को दुरुस्त करने हेतु 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. यह पहल शहर के व्यावसायिक केंद्रों को अधिक व्यवस्थित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाएगी.
मुक्तिधाम एवं कब्रिस्तानों की दशा सुधारने और उन्हें शांति तथा गरिमा से युक्त स्थान बनाने के लिए 3 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है. इसमें बाउंड्री वॉल, पक्के रास्ते, प्रकाश, शौचालय, जल व्यवस्था, वृक्षारोपण और बैठने की सुविधा शामिल है.
मल्टीलेवल पार्किंग की लंबे समय से माँग को ध्यान में रखते हुए, नगर निगम ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए 5 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया है. इसके निर्माण से शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाया जा सकेगा और पार्किंग की समस्या का समाधान संभव होगा.
महापौर श्री पाण्डे ने कहा कि एम. आर. रोड निर्माण को लेकर भी महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के प्रस्ताव अनुसार वीर सावरकर भवन से खपरा भट्टी तक तथा अन्य स्थानों पर सड़क निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपए का बड़ा प्रावधान रखा गया है, जिससे शहर की यातायात और कनेक्टिविटी व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.
महापौर संजय पाण्डे ने कहा कि नगर की जनता जनार्दन के बहुमूल्य सुझावों को इस बजट में यथासंभव सम्मिलित किया गया है, जो कि शहर के समग्र और सतत विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है. यद्यपि समय की सीमा के कारण प्रत्येक सुझाव का विस्तार से उल्लेख करना संभव नहीं, फिर भी मैं इस अभिभाषण के माध्यम से बजट के प्रमुख बिंदुओं पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा.
उन्होंने कहा इस बजट में अधोसंरचना विकास, बस स्टैंड आधुनिकीकरण, सरोवर धरोहर योजना, पर्यावरण सुधार, बाजार, मुक्तिधाम और पार्क विकास, ट्रांसपोर्ट नगर और गोकुल नगर जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए समुचित राशि का प्रावधान किया गया है. साथ ही बरसाती जल निकासी, मुख्यमंत्री घोषणाओं, विकलांगजन सुविधा, स्वास्थ्य एवं आवास योजनाएं, ई-गवर्नेंस, सड़क-नाली मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, डंपिंग यार्ड सौंदर्यीकरण, महिला एवं युवाओं के लिए रोजगार मूलक योजनाएं, प्रेस क्लब, और ट्रैफिक सिग्नल शेड जैसे विविध जनोपयोगी कार्यों हेतु वित्तीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं.
यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जन भागीदारी, पारदर्शिता और उत्तरदायित्वपूर्ण शासन की दिशा में हमारा सामूहिक संकल्प है. इसमें समावेशी दृष्टिकोण के साथ प्रत्येक वर्ग की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं का ध्यान रखा गया है, ताकि हम एक आधुनिक, स्वच्छ, समृद्ध और आत्मनिर्भर जगदलपुर का निर्माण कर सकें.
महापौर संजय पाण्डे ने कहा कि अपने बजट अभिभाषण के समापन पर मैं नगर के सर्वांगीण विकास में योगदान देने वाले समस्त जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों के प्रति हृदय से कृतज्ञता प्रकट करता हूँ.
मैं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव, जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, वन, जलवायु एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप एवं बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी को हृदय से धन्यवाद देता हूँ, जिनके सहयोग और स्वीकृति से नगर को विकास के लिए अनुदान प्राप्त होता है.
विशेष रूप से मैं जगदलपुर के विधायक किरण देव का आभार प्रकट करता हूँ, जिनके प्रयासों से नगर निगम को उनके विधायक निधि से अब तक की सर्वाधिक राशि प्राप्त हुई है. उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नगर विकास को नई दिशा मिली है.
श्री पाण्डे ने कहा कि मैं मेयर-इन-कौन्सिल के सभी सम्माननीय सदस्यगण, समस्त पार्षदगण, जिला एवं पुलिस प्रशासन, इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया, नगर निगम के कर्मठ अधिकारी-कर्मचारियों के प्रति भी आभार प्रकट करता हूँ, जिनके अथक परिश्रम से विकास योजनाओं को मूर्त रूप देना संभव हो पाया.
साथ ही मैं बस्तर चैम्बर ऑफ कॉमर्स, रोटरी क्लब, जेसीआई, आर्ट ऑफ लिविंग, दलपत सागर बचाओ समिति, पर्यावरण समिति, सामाजिक संगठनों और शहर के सभी समाजों—बंगीय, आंध्र, मिथिला, आदिवासी, ब्राह्मण, जैन, सिंधी, सिक्ख, पिछड़ा वर्ग, सर्वधर्म समाज आदि का आभार प्रकट करता हूँ, जिनका सतत सहयोग एवं सुझाव नगर विकास की दिशा में प्रेरणा बनकर हमारे साथ रहा.
महापौर ने कहा मैं उन जागरूक नागरिकों को भी धन्यवाद देता हूँ, जिनके सुझावों, मार्गदर्शन और सामाजिक सहभागिता से विकास की राह प्रशस्त हुई. आप सभी के साथ से हम एक समृद्ध, स्वच्छ, और आत्मनिर्भर जगदलपुर का निर्माण करेंगे.
महापौर संजय पाण्डे ने अपने अभिभाषण के समापन पर अपनी भावनाओं को दो पंक्तियों में समर्पित किया. उन्होंने कहा कि “हमारे शहर की उन्नति, सपनों का आसमान हो, हर गली, हर चौराहा, विकास का परचम हो. जन-जन के सुझावों से, बुने नया इतिहास, संकल्प अटल, बढ़ाएंगे, शहर का गौरव प्रकाश.”
श्री पाण्डे ने अंत में कहा कि जनता के आशीर्वाद एवं सभी के सहयोग से नगर विकास हेतु प्रस्तावित यह बजट सर्वसम्मति से पारित किए जाने हेतु इस सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ. उन्होंने अपनी बात “जय माँ दंतेश्वरी, जय बूढ़ादेव, जय मावली माता, जय श्री राम” के उद्घोष के साथ समाप्त की.
नगर निगम जगदलपुर की सामान्य सभा की बैठक में “एक राष्ट्र-एक चुनाव” के ऐतिहासिक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया. महापौर के पत्र के आधार पर यह विषय अध्यक्ष द्वारा सभा में प्रस्तुत किया गया था. प्रस्ताव पारित कर इसे कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़, राज्य शासन एवं भारत सरकार को भेजे जाने की अनुशंसा की गई. इसे लोकतंत्र की मजबूती और संसाधनों की बचत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया.
सभा में अतिरिक्त विषयों पर भी निर्णय लिए गए, जिनमें विज्ञापन बोर्ड (ग्राउंड होर्डिंग्स) को पांच वर्षों के लिए ठेके पर दिए जाने हेतु तीन जोनों में विभाजन कर निविदा प्रक्रिया को स्वीकृति प्रदान की गई. साथ ही संजय मार्केट की थोक सब्जी मंडी की दो दुकानों को क्रमशः 5.61 लाख व 5.51 लाख की उच्चतम दर पर शिक्षित बेरोजगार व महिला वर्ग को स्वीकृति दी गई. गंगामुंडा, दिवान तालाब एवं अन्य जलाशयों को मछली पालन हेतु दस वर्षों के लिए मछवारा समूह/फर्म को ठेके पर देने के लिए निविदा प्रक्रिया को भी हरी झंडी दी गई.
नगर निगम जगदलपुर की सामान्य सभा की बैठक दिनांक 30 अप्रैल 2025 को संपन्न हुई, जिसमें नगर विकास, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और राजस्व सुदृढ़ीकरण से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार और निर्णय लिया गया. बैठक में सर्वप्रथम वर्ष 2024-25 के पुनरीक्षित बजट एवं वर्ष 2025-26 के अनुमानित बजट को स्वीकृति प्रदान की गई. इसके साथ ही बलीराम कश्यप वार्ड में डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन के निर्माण के लिए 271.86 लाख रुपए की प्रावधिक स्वीकृति के अनुरूप प्रस्ताव भेजे जाने पर भी निर्णय लिया गया. नगरोत्थान योजना के अंतर्गत दलपत सागर का सौंदर्यीकरण, प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण व अन्य निर्माण कार्यों के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपए की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भी शामिल किया गया.
नगर पालिक निगम के नगरोत्थान योजना (एजेंडा) में दलपत सागर के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 10 करोड़ से ज्यादा रूपये की राशि, मुक्तिधाम से समुन्द चौक से पावर हाऊस चौक से पंचपथ चौक से लालबाग आमागुड़ा चौक तक मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के लिये 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि एवं अन्य अतिरिक्त निर्माण कार्य क़े लिये 14 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि स्वीकृत की गयी है.
वातावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए भवन निर्माण क्षेत्रफल के अनुसार वृक्षारोपण अनिवार्य किया गया. मल्टीस्टोरी भवनों में प्रत्येक फ्लैट हेतु एक वृक्ष लगाना अनिवार्य होगा. इसके अतिरिक्त, भवन अनुमति के साथ रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की शर्त अनिवार्य की गई, जिसका उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपए से 1 लाख 50 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा. जलप्रदाय प्रणाली के दुरुपयोग पर कार्रवाई करते हुए टुल्लू पंप जब्त करने के साथ 10 हजार जुर्माना तय किया गया. संजय मार्केट के प्रथम तल के हॉल को शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना हेतु न्यूनतम 4 हजार रुपए किराए पर देने का प्रस्ताव पारित किया गया. एलईडी और टेरिस विज्ञापन हेतु वार्षिक दर में 10% वृद्धि तथा नगर निगम कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु परियोजना प्रबंधन इकाई की स्थापना का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ.
जल प्रदाय दरों में संशोधन करते हुए निर्माण कार्य, विवाह, धार्मिक कार्यक्रमों व बीपीएल विवाह के लिए टैंकरों की नई दरें तय की गईं. अंत में, शहीद पार्क में संचालित मिनी ट्रेन का किराया 3-15 वर्ष के बच्चों के लिए 5 रुपए और 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए 10 रुपए निर्धारित किया गया. यह बैठक विकास और जनहित से जुड़ी बहुआयामी योजनाओं की दिशा में एक ठोस पहल के रूप में संपन्न हुई.
बता दें कि सभा में बजट से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई और आगामी वर्ष की विकास योजनाओं की रूपरेखा भी रखी गई.
नगर निगम जगदलपुर के इस बजट सत्र को शहर के भविष्य के लिए एक सकारात्मक और दूरदर्शी पहल माना जा रहा है.
“राम राम, जय श्री राम” के उद्घोष के साथ जब महापौर संजय पांडे ने वर्ष 2025-26 का बजट प्रस्तुत किया, तो वह केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों, संस्कृति की जड़ों और समर्पण से ओतप्रोत एक विकास यात्रा का प्रारंभ था.
माँ दंतेश्वरी, बूढ़ादेव और मावली माता का आशीर्वाद लेकर प्रस्तुत यह बजट समावेशी विकास, पारदर्शिता और जनभागीदारी का प्रतीक है.
• 30 करोड़ रुपए जलप्रदाय व्यवस्था के लिए
• 80 करोड़ रुपए जगदलपुर बैराज योजना
• 50 करोड़ रुपए अधोसंरचना विकास
• 20 करोड़ रुपए तालाबों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण हेतु
• 5 करोड़ बस स्टैंड आधुनिकीकरण
• 5 करोड़ रुपए मल्टीलेवल पार्किंग योजना