जगदलपुर। ई-कॉमर्स व्यापार में मची धांधली को लेकर लगातार कैट और व्यापारी संघ का हल्ला बोल राष्ट्रीय अभियान जारी है, बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स ने भी कैट का समर्थन करते हुए ई-कॉमर्स व्यापार में धांधली के खिलाफ हल्ला बोल दिया है ,आज इस तारतम्य में बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष किशोर पारख समेत सदस्यों ने प्रधानमंत्री के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष का कहना है देश के ई कॉमर्स व्यापार में बड़ी विदेशी कंपनियों द्वारा लगातार कानूनों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है, कुछ दिन पहले मीडिया में तेजी से फैली खबर कि अमेजॉन ने भारत में अपने वकीलों के जरिए सरकार के अधिकारियों को रिश्वत दी है, इसके खिलाफ घोर शंखनाद करते हुए आज देश भर के 500 से अधिक जिलों में हजारों व्यापारी संगठन ने अपने-अपने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर इन सारे मामले की CBI द्वारा जांच किए जाने की मांग की है और उपभोक्ता कानून के तहत प्रस्तावित ई-कॉमर्स नियमों को लागू करने की भी मांग व्यापारी संघ ने की है। दरअसल कैट द्वारा चलाए जा रहे इस विरोध अभियान में बस्तर चेंबर भी पूरा समर्थन कर रहा है, आज इस कार्यक्रम में देश के 20 हजार से अधिक व्यापारी संगठन ने भाग लिया। बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने बताया कि आज ज्ञापन के जरिए यह भी मांग की गई है कि ऐमेज़ॉन के वकीलों के जरिए देश के सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दिए जाने वाले मुद्दे पर ऐमेज़ॉन के वित्तीय दस्तावेज जो पिछले वर्षों में सरकारी विभागों को दिए गए हैं उनकी फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए जिससे जल्द से जल्द यह पता लग सके कि क्या ऐमेज़ॉन के वकीलों के जरिए अधिकारियों और अन्य लोगों को रिश्वत दी गई थी या नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि बड़े पैमाने पर ऐमेज़ॉन ने ई-कॉमर्स व्यापार में कानून और नियमों का उल्लंघन किया है और साथ ही बड़े पैमाने पर धांधली भी की है ,इसे देखते हुए एमेजॉन के कार्यकलापों की पूरी जांच जरूरी है और इसके लिए आयकर विभाग, केंद्र के जीएसटी विभाग, सीसीआई, प्रवर्तन निदेशालय, सेबी तथा मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स को एक साथ जांच करनी चाहिए जिससे कि सारा मामला साफ हो सके। अध्यक्ष ने कहा कि देश के 8 करोड़ व्यापारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान और देश के छोटे व्यापारियों को समृद्ध करने की दिशा में सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं और किसी भी कंपनी को ईस्ट इंडिया कंपनी अब और नहीं बनने देने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है ।उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स के माध्यम से व्यापार में चल रहे धांधली के खिलाफ व्यापारी संघ और बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स लगातार विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

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