कांकेर (डेस्क) – कृषि उपज मंडी कांकेर में नव निर्मित दुकानों के आवंटन में आरक्षण रोस्टर के पालन में अनियमितता की आशंका ने तूल पकड़ लिया है. छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज (युवा प्रभाग) ने इस मामले में जिला कलेक्टर को पत्र सौंपकर रोस्टर का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है. कृषि उपज मंडी कांकेर में नव निर्मित दुकानों की कुर्सी निविदा प्रक्रिया 21 मार्च 2025 को प्रस्तावित है. शासन के नियमानुसार दुकान आवंटन में आरक्षण रोस्टर का पालन अनिवार्य है. लेकिन वर्तमान में मंडी की दुकानों के आवंटन में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे आदिवासी समाज और अन्य आरक्षित वर्ग के हित प्रभावित हो सकते हैं. सर्व आदिवासी समाज (युवा प्रभाग) ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया है कि दुकान आवंटन में आरक्षण रोस्टर का पालन सुनिश्चित किया जाए और यदि ऐसा नहीं होता है तो निविदा प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए. संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया तो समाज व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा. समाज के जिला अध्यक्ष योगेश नेटाम ने कहा कि आरक्षण रोस्टर की अनदेखी से वंचित वर्गों को उनका अधिकार नहीं मिल पाएगा, जो कि अन्यायपूर्ण होगा. इस अनियमितता को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर वे इस मामले को उच्च स्तर तक ले जाएंगे. संगठन ने मांग की है कि जब तक आरक्षण रोस्टर का पालन सुनिश्चित नहीं हो जाता, निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए. आरक्षण रोस्टर का पालन न करना संवैधानिक व्यवस्था का उल्लंघन है. इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही से सामाजिक असंतोष बढ़ सकता है. सर्व आदिवासी समाज ने इस मुद्दे पर तत्परता से कार्रवाई की मांग की है, जिससे वंचित वर्गों को उनका हक मिल सके.