सुकमा (नवीन कश्यप). नवनिर्माण मेटागुड़ेम सीआरपीएफ कैंप में तैनात सीआरपीएफ 131 वाहिनी के जवानों ने मानवता की एक अद्भुत मिसाल पेश की है. जब एक बीमार महिला को तत्काल चिकित्सा सेवा की आवश्यकता थी, तो इन जवानों ने उसका प्राथमिक उपचार किया और फिर उसे बेहतर इलाज के लिए सुकमा जिला अस्पताल पहुंचाया.

यह घटना न केवल सीआरपीएफ जवानों की मानवता और करुणा को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि हमारे सुरक्षा बल के जवान केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सहायता करने के लिए भी तैयार रहते हैं.

दरअसल, यह पूरा मामला सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हालही में बने नव निर्मित सीआरपीएफ के कैंप मेटागुड़ेम – इरापल्ली का है। यहां गांव की एक ग्रामीण महिला की तबियत अचानक खराब होने के बाद महिला के परिजन महिला के इलाज की मदद मांगने कैंप पहुंचे थे. यहां मौजूद सीआरपीएफ 131 वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी ऑप्स अमित प्रकाश ने महिला के इलाज के लिए वहां पदस्थ डॉक्टर दर्शपीर्त सिंह को कहा. जिसके बाद डॉक्टर दर्शप्रित ने महिला का स्वास्थ्य परीक्षण किया. जिसमें महिला एनीमिया और बुखार (pf positive ) पाई गई. प्राथमिक उपचार करने के बाद बेहतर इलाज के लिए महिला को एम्बुलेंस व्यवस्था कर सुकमा जिला अस्पताल रेफर किया गया.
कभी भय के कारण जवानों से दूर भागते थे ग्रामीण, अब मदद लेने कैंप पहुंच रहे
अंदरूनी क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण भय और विश्वास की कमी के कारण कभी सुरक्षा बल के जवानों को देख कर भागा करते थे. लेकिन अब सुरक्षाबल क्षेत्र के विकास में योगदान देने के साथ – साथ लोगों की सेवा के लिए भी तत्पर रहते है. यही कारण है कि जो ग्रामीण कभी पुलिस बल से डरा करते थे, अब खुद ही मदद मांगने कैंप तक पहुंच रहे हैं. सुरक्षा बल के जवान लगातार कई माध्यमों से जरूरतमंद लोगों की मदद करने के साथ – साथ उनका विश्वास जीतने में कामयाब हो रही है.