दंतेवाड़ा. जिले के कुआकोंडा में एक भाजपा नेता ने बिना किसी अनुमति के दो सरकारी भवनों को तोड़ दिया है. जिसकी भनक जिला मुख्यालय में अधिकारियों तक को नही लगी. जब दोनों सरकारी भवन गिर गए तब जाकर सम्बंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आनन फानन में आवश्यक कार्यवाही शुरू की है.

मिली जानकारी के अनुसार जिले के एक भाजपा नेता ने बिना किसी अनुमति के कुआकोंडा में स्थित शिक्षा विभाग और कृषि विभाग की दो सरकारी भवनों को धराशाई कर दिया. जब इस मामले की भनक जिला मुख्यालय में बैठे तहसीलदार और कृषि विभाग के अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर कार्यवाही शुरू की. मौके पर पहुंचे तहसीलदार राहुल गुप्ता ने बताया कि मामले को लेकर पंचनामा तैयार कर लिया गया है. वहीं मौके पर से एक पोकलेन मशीन और टिप्पर को पकड़ लिया गया है. बताया गया है कि सरकारी भवन तोड़ने के लिए भाजपा नेता ने किसी तरह की कोई अनुमति नही ली है. इसके साथ ही इस मामले को लेकर कृषि विभाग के अधिकारी बीआर कांगे और तहसीलदार ने बताया कि हमारे पास कोई आदेश नही है. बताया जा रहा है कि पंचनामा तैयार किये जाने के बाद आनन फानन में बेक डेट से इसकी अनुमति लेने का खेल भी शुरू हो गया है.

क्या है सरकारी भवन को तोड़ने की प्रक्रिया

किसी भी सरकारी भवन को कंडम घोषित सिर्फ पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा ही किया जा सकता है. सरकारी भवन तोड़ने के लिए ईई, एसडीओ, इंजीनियर की एक समिति बनाई जाती है. जिसके बाद ही किसी भी सरकारी भवन को कंडम घोषित कर तोड़ा जाता है. पर कुआकोंडा में बिना किसी अनुमति, बिना समिति के दो सरकारी भवनों को तोड़ दिया गया है. जिले में इसके लिए समिति भी बनी हुई है. जिसमें लोकनिर्माण विभाग के ईई को अध्यक्ष और आरईएस के ईई, जलसंसाधन विभाग के ईई, एसडीओ पीडब्ल्यूडी और तहसीलदार को समिति में सदस्य रखा गया है. लेकिन इस मामले में मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने कोई अनुमति नही होने की बात कही है.

इस मामले में समिति के सदस्य पीडब्ल्यूडी के एसडीओ एमके भौर्य ने कहा है कि बिल्डिंग तोड़ने की कोई भी जानकारी हमको नही दी गई है, कैसे तोड़ी गई बिल्डिंग पता करेंगे.

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