सुकमा (नवीन कश्यप). बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में बीते कल सुरक्षाबल के जवानों और नक्सलियों के बीच हुए जबरदस्त मुठभेड़ में मारे गए सभी 10 नक्सलियों की शिनाख्ती हो गई है. इस मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों पर 40 लाख रुपये का घोषित था. इस मामले की पुष्टि बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने की है.
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि सुरक्षाबल को सुकमा जिले के भेज्जी थाना क्षेत्र के दन्तेशपुरम – भंडारपदर और कोराजगुड़ा के बीच स्थित मुनूरकोण्डा की पहाड़ियों में बड़े नक्सली लीडरों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. सूचना मिलने के बाद डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, सीआरपीएफ 50 वीं और 219 वीं बटालियन की संयुक्त टीम को सर्चिंग के लिए गुरुवार को मुखबिर द्वारा बताए गए ईलाके के लिए रवाना किया गया था. सर्चिंग के दौरान शुक्रवार की सुबह लगभग 9 बजे सुरक्षाबल के जवान जैसे ही उक्त ईलाके में पहुंचे तो पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दिया. हमला होते देख जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की. जवानों और नक्सलियों के बीच घण्टों तक जबरदस्त मुठभेड़ चलती रही. इसी बीच जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया. जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली पहाड़ों और जंगल का सहारा लेकर वहां से फरार हो गए. इसके बाद जवानों ने घटनास्थल में सर्च ऑपरेशन चलाया. इस सर्च ऑपरेशन में जवानों ने घटनास्थल से 3 महिला सहित 10 नक्सलियों का शव बरामद किया. वहीं जवानों ने मौके पर से नक्सलियों का एक एके 47, एक इंसास, एक एसएलआर रायफल, एक 9 एमएम पिस्टल, एक सिंगल शॉट रायफल, 6 मजल लोडिंग रायफल और भारी मात्रा में अन्य नक्सली सामान बरामद किया है. आईजी ने बताया कि इस मुठभेड़ में मारे गए सभी 10 नक्सलियों की पहचान हो गई है. उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सलियों में मड़कम (दूधी) मासा नक्सलियों के दक्षिण बस्तर डिवीज़न एमआई और प्लाटून नम्बर 4 तथा 8 का प्रभारी था. यह मूलतः सुकमा जिले के भंडारपदर का निवासी था. इस नक्सली पर 8 लाख रुपये का ईनाम घोषित था. इसके साथ ही मारे गए नक्सलियों में शामिल लखमा माड़वी पर 8 लाख रुपये, करतम कोसा पर 5 लाख, दुर्रो कोसी उर्फ रितिका पर 5 लाख, मुचाकी देवा पर 5 लाख, दुधी हुंगी पर 2 लाख, मड़कम जीतू पर 2 लाख, कुमारी मड़कम कोसी पर 2 लाख, कवासी केसा पर 2 लाख और कुंजाम वामा पर 1 लाख रुपये का ईनाम सरकार ने घोषित कर रखा था. बताया गया है कि मारे गए सभी नक्सली बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में अलग – अलग नक्सली घटनाओं में शामिल भी थे.