जगदलपुर (अशोक नायडू). शारदीय नवरात्री के पावन अवसर पर देश के 52 शक्तिपीठों में से एक दंतेश्वरी माई के दर्शन करने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. माई दंतेश्वरी के प्रति अपनी भक्ति व अपनी मनोकामनाएं की पूर्ति के लिये भक्त नवरात्रि के दौरान अलग अलग तरीकों से अपनी आस्था को प्रदर्शित करते हैं. और माई दंतेश्वरी के प्रति अपनी इसी आस्था के ही चलते हर वर्ष हजारों की संख्या में भक्त जगदलपुर से करीब 100 कि.मी. की दूरी पर स्थित दंतेवाड़ा में मौजूद मां दंतेश्वरी मंदिर तक का सफर पैदल ही तय करते हैं. इसे माता की अपने भक्तों पर कृपा ही कहा जा सकता है कि तपती धूप में भी बच्चे, बूढ़े व महिलायें बिना किसी शारीरिक हानि के यह कष्टदायक सफर तय कर लेते हैं. वहीं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी इन पदयात्रियों के लिये जगह जगह पर सुविधा केन्द्रों का इंतजाम किया जाता है. इस साल भी बस्तर जिला आंध्र समाज के द्वारा जगदलपुर शहर के जिया डेरा में पद यात्रियों के लिए फलहार, भोजन और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा जैसी सुविधा नि:शुल्क मुहैया कराई गयी है. बस्तर जिला आंध्र समाज के अध्यक्ष जयंत नायडू और सचिव सुब्बाराव ने बताया कि दंतेवाड़ा में स्थित माई दंतेश्वरी के प्रति अटूट भक्ति रखने वाले पदयात्रियो को रास्ते मे किसी तरह की दिक्कत न आये इसके लिए समाज के द्वारा हर साल पदयात्रियों के लिए जिया डेरा में टेंट लगाकर फलहार , भोजन और स्वास्थ सेवा जैसे सुविधा भी नि:शुल्क मुहैय्या कराई जाती है. नवरात्रि के पहले दिन से लेकर अगले 5 दिनों तक सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु जिया डेरा में विश्राम कर दंतेवाड़ा के लिए आगे बढ़ते हैं. समाज के सदस्यों के द्वारा पद यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत ना हो और उन्हें हर सुविधा मिल सके इसकी पूरी कोशिश की जाती है. इन श्रध्दालुओ के लिए जिया डेरा मे रात्रि विश्राम की भी सुविधा रखी गयी है.

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