जगदलपुर (गनपत भारद्वाज). सर्व अनुसूचित जाति समाज एवं सर्व अनुसूचित जनजाति समाज के पदाधिकारियों का बीते कल मंगलवार को अति आवश्यक बैठकर रखा गया. जिसमें सुप्रिम कोर्ट में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में क्रीमी लेयर के संबंध में किए गए फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है.
सर्व अनुसूचित जाति समाज के जिलाध्यक्ष विक्रम लहरे ने कहा है कि जब से भाजपा की सरकार केंद्र व अन्य राज्यों में बनी है, तब से कही ना कही अनुसूचित जाति/जनजाति समाज के लोगों के साथ अन्याय और अत्याचार लगातार होता आ रहा है. जिसका जीता जागता उदाहरण हसदेव जंगल का है. वहीं बलौदाबाजार की घटना और कई अन्य घटना है. अब तो हमारे आरक्षण को भी लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रहार किया है. जिसका हम सभी अनुसूचित जाति समाज एवं अनुसूचित जनजाति समाज इस गलत फ़ैसले का विरोध करते है. साथ ही जल – जंगल – जमीन हमारा है. आरक्षण हमारा अधिकार है. जो भी आरक्षण के ऊपर कुछ भी प्रहार करेगा उसके खिलाफ हम जमीनी स्तर से लेकर संसद तक कि आंदोलन करेंगे.
सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि 21 अगस्त के दिन सम्पूर्ण बस्तर संभाग में आवश्यक सेवायें को छोड़कर समस्त व्यवसायिक संस्थाएँ व शैक्षणिक संस्थाएँ, हाट – बाजार एवं परिवहन इत्यादि सेवायें बंद रहेंगी. जिसमें अनुसूचित जाति समाज एवं सर्व अनुसूचित जनजाति समाज सभी का सहयोग चाहते है.
वहीं परिसंघ के जिलाध्यक्ष सतीश वानखड़े ने कहा कि 21 अगस्त को सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक संपूर्ण दुकाने बंद कर हमारे साथ होने में आप सभी व्यापरियों का सहयोग अति आवश्यक है. साथ ही यहां विरोध हज़ारों के संख्या में होगा, जिसमें सर्व अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के सभी लोगों से भी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने के लिए अपील की है. इस बैठक में उपस्थित सतनामी समाज के भंडारी राजू कोशले, बौद्ध समाज के अध्यक्ष पीडी मेश्राम, लक्ष्मी नाथ, पदम नाथ कश्यप, बलदेव मौर्य, हरिप्रसाद पन्ना, धर्मेन्द्र सिंह, विष्णु मरकाम, धनसिंह उईके, योगेन्द्र कुमार, एसआर मंडावी, कमलेश, बंशी मौर्य, तुलसी ठाकुर व अन्य मौजूद थे.