बीजापुर (चेतन कापेवार). चेरामन्गी प्री मैट्रिक छात्रावास में 7 वीं का छात्र जेवियर कुजूर द्वारा आत्महत्या मामले की जांच के लिए कांग्रेस द्वारा गठित जांच दल बुधवार को चेरामन्गी पहुँचा. जांच दल ने छात्रावास का जायजा लेने के साथ मृत छात्र के परिजनों से मुलाकात की और घटना की सविस्तार जानकारी ली.

दल का नेतृत्व कर रहे जिपं अध्यक्ष शंकर कुड़ीयम ने मौत को संदेहास्पद बताया. परिजनों के हवाले से शंकर का कहना था कि घटना की तह तक जाने की जरूरत है. परिजनों का आरोप है कि पूरे क्राइम सीन पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है. छात्र का कद के मुकाबले जहाँ फंदा लगाया गया उसकी ऊंचाई अधिक है. सोसाइड नोट भी सन्देह के घेरे में है. पत्र की जांच भी जरूरी है.

जिला अध्यक्ष लालू राठौर ने कहा कि छात्र सातवी में अध्ययनरत था. इतनी अल्पायु में आत्महत्या की बात हलक नही उतर रही. मौत के पीछे की सच्चाई कुछ और है. मामले को रफा दफा करने, दोषियों को बचाने की नीयत से पूरे क्राइम सीन पर पर्दा डाला जा रहा है. इसलिए कांग्रेस की सरकार से मांग है कि घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराएं. बीइओ, मंडल संयोजक, वार्डन की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो. पीड़ित परिवार को राहत देते 25 लाख मुआवजा और परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी दी जाए.

पिकनिक मनाने में मशगूल गागड़ा:-

मामले को लेकर कॉंग्रेस जिलाध्यक्ष ने पूर्व मंत्री महेश गागड़ा पर निशाना साधा. लालू का कहना था कि भाजपा सरकार बनने के बाद से आश्रम – छात्रावासों की व्यवस्था चरमरा गई है. व्यवस्थाओं पर प्रशासन का ध्यान नही है. छात्रों की पढ़ाई, काउंसलिंग को लेकर सरकार कतई गम्भीर नही है. कल जब हृदयविदारक इस घटना की खबर बाहर आई उस वक्त पूर्व मंत्री पिकनिक मनाने में मशगूल थे. यह ना सिर्फ महेश बल्कि सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है.

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