बीजापुर (चेतन कापेवार). भाजपा बस्तर प्रभारी जी. वेंकट ने राज्य के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट छत्तीसगढ़ के भविष्य की उन्नति की आधारशीला है. छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार पेपरलेस डिजिटल बजट पेश हुआ है. जिसमे गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी का विशेष ध्यान रखा गया है.
यह बजट सभी वर्गों के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने वाला और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने वाला बजट है. अमृतकाल का छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। ” GYAN ” यानि गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी सशक्तिकरण पर केन्द्रित है. बजट में सभी वर्गों की चिन्ता की गई है.
उन्होंने बताया कि बजट में आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए प्रति मानक बोरा करने और बोनस का प्रावधान किया गया है. इसी तरह दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रूपए की वार्षिक सहायता के लिए बजट में 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है. युवाओं के भविष्य के साथ अब खिलवाड़ न हो इसके लिए राज्य सरकार ने पीएससी की अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया है. बजट में युवाओं के रोजगार के लिए प्रावधान किया गया है. छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए इस बजट में हर पहलु को ध्यान दिया गया है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी, पेयजल अधोसंरचना सहित समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिंता की गई है. उन्होंने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा व पूरे छत्तीसगढ़ के संपूर्ण विकास की दस्तावेज का प्रस्तुतिकरण विधानसभा के पटल में रखा गया है.