जगदलपुर. बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में बीते दिनों हुए दुधमुंहे बच्चे की गोली लगने से हुए मौत व हसदेव अरण्य के कटते जंगल के विरोध में आज मंगलवार को सर्व आदिवासी समाज ने एक दिवसीय बंद बुलाया है. सुबह से ही बस्तर जिले की सभी प्रतिष्ठानें बंद है. सर्व आदिवासी समाज के सदस्य रैली निकालकर नगर को बंद कराते दिख रहे हैं. साथ ही आदिवासी मासूम को न्याय दिलाने का नारा लगाते दिखे. आदिवासियों के बंद को बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने भी अपना समर्थन दिया है. आज बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर , नारायणपुर, कोंडागांव व कांकेर बंद है.

सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष गंगाराम नाग ने बताया कि बीजापुर में हुए मासूम की मौत और हसदेव अरण्य के कटाई के विरोध में आज बंद किया गया है. और मासूम के परिवार नौकरी और मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं. साथ ही न्यायिक जांच करने की भी आदिवासी समाज अपील कर रहा है. यदि सरकार आदिवासियों की इस मांग को पूरी नहीं करते हैं तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन आदिवासी समाज करेगा.
दरअसल, छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बीते 1 जनवरी को पुलिस के जवानों और माओवादियों के बीच हुए तथाकथित मुठभेड़ के दौरान क्रॉस फायरिंग में एक 6 माह की मासूम बच्ची की गोली लगने से मौत हो गई थी. इस मामले में अब तक जांच नहीं हुई है. साथ ही हसदेव में आदिवासियों की सबसे बड़ी पूंजी वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है. जिससे छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज को आहत पहुंचा है. इसलिए हसदेव अरण्य मामले में सरकार से खदान निरस्त करने की मांग कर रहे हैं.