सुनील कश्यप, बस्तर- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 3 अक्टूबर को बस्तर पहुंचेंगे. और यह दिन बस्तर के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा. क्योंकि प्रधानमंत्री रहते कोई प्रधानमंत्री चौथी बार बस्तर में दौरा करेंगे. और बस्तरवासियों को सौगात देंगे. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है. और केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. छत्तीसगढ़ में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का प्रयास देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगामी 2023 के विधानसभा चुनाव में होगा. यही कारण है कि प्रधानमंत्री लगातार छत्तीसगढ़ का दौरा कर रहे हैं. वहीं बस्तर में भी चौथी बार 3 अक्टूबर को उनका चौंथा दौरा होगा.
बस्तर के राजनीतिक जानकार व वरिष्ठ पत्रकार विनोद सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री रहते नरेंद्र मोदी पहली बार 9 मई 2015 को दंतेवाड़ा पहुंचे हुए थे. जहां उन्होंने विशाल आमसभा को संबोधित किया था. साथ ही छत्तीसगढ़ के बड़े एजुकेशन सिटी जावंगा में छात्रों से मुलाकात करके एजुकेशन सिटी का अवलोकन किया था. दूसरी दफ़े नरेंद मोदी बीजापुर जिले के जांगला में 14 अप्रैल 2018 को पहुंचे हुए थे. जहां से उन्होंने आयुष्मान भारत की शुरआत की थी. तीसरी दफ़े नरेंद्र मोदी जी 9 नवंबर 2018 में छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में चुनावी प्रचार करने के लिए बस्तर पहुंचे हुए थे. जहां उन्होंने इसी लालबाग मैदान से विशाल आमसभा को संबोधित किया था. और अब आगामी 3 अक्टूबर 2023 को बस्तर में मोदी जी का दौरा प्रस्तावित है. प्रधानमंत्री रहते सबसे अधिक बार बस्तर आने वाले प्रधानमंत्री में उनका नाम है. इससे पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी बाजपेयी, बीपी सिंह, पंडित जवाहर लाल नेहरू ये सब प्रधानमंत्री के तौर पर बस्तर आये हुए हैं. लेकिन इन सबसे अधिक बार बस्तर आने का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बना रहे है.
बस्तर के राजनीतिक जानकर व वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवास रथ ने बताया कि मोदी जी एक सुलझे हुए नेता हैं. और जब मोदी जी राजनेता नहीं बल्कि आरएसएस के प्रचारक थे उस दौरान भी वे बस्तर आये हुए थे. और बस्तर क्षेत्र से वाकिफ हैं. इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बस्तर से लगाव है. बस्तर को काफी महत्व दे रहे हैं. बार-बार आ रहे हैं. उनकी इक्षा है कि बस्तर का विकास हो. इसीलिए उन्होंने बस्तर को पिछड़े जिलों में शामिल किया है. जिससे ज्यादा से ज्यादा इसका उन्नति हो सकें. उसपे उनका ध्यान केंद्रित रहे यह एक कारण हो सकता है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लगातार बस्तर प्रवास का.
बस्तर के राजनीतिक जानकर व वरिष्ठ पत्रकार सुधीर जैन ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के यह चौंथा दौरा है. और निश्चित रूप से प्रधानमंत्री का अगर चुनावी दौरा होता है तो उसका प्रभाव पड़ता है. जैसे कि अभी बस्तर में भाजपा की एक भी सीटें नहीं है. 12 की 12 सीटें कांग्रेस के पास है. उस दृष्टि से मोदी जी का आगमन बहुत ही प्रभावकारी रहेगा.
प्रधानमंत्री के लगातार आगमन पर कांग्रेस के बस्तर शहर जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि इसके पीछे केवल चुनावी रणनीति है. पिछले दफ़े जांगला, गीदम और जगदलपुर पहुंचे हुए थे. जहां से भाजपा साफ हो गई. अब फिर से जगदलपुर आ रहे हैं. दुबारा से भाजपा पूरी तरह साफ हो जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बस्तर से कोई सरोकार नहीं है. केवल चुनाव आता है तो प्रधानमंत्री बस्तर आते हैं क्योंकि वे देश के प्रचारजीवी मंत्री हैं. देश के प्रधानमंत्री के रूप में इनकी भूमिका बहुत कम दिखती रही है. साथ ही कहा कि भाजपा का जनाधार खिसक चुका है. 15 साल भाजपा के मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह डरे हुए हैं. भाजपा के कार्यकर्ता गाँव से निकल नहीं रहे हैं. भाजपा संगठन चाहता है कि नरेंद्र मोदी के भरोसे इनकी लाज बच जाए, इसीलिए वे काम कर रहे हैं. लेकिन बस्तर की जनता जान चुकी है. भाजपा को 1 सीट भी देने की मूड में नहीं है.
कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री जब जब बस्तर आते हैं तो वे बस्तरवासियों को अरबों रुपयों की सौगात देते हैं. और भाजपा डरी नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री के बार-बार आने से कांग्रेस डरी हुई है. साथ ही कहा कि कांग्रेस जब अपने सत्ता के यौवनकाल में थी, तब इसी बस्तर को लोग काला पानी के नाम से जानते थे. 15 साल डॉ. रमन सिंह की सरकार और 9 साल नरेंद्र मोदी की सरकार के बाद लोग बस्तर में डेवलपमेंट को देखें हैं. चाहे एजुकेशन सिटी हो या फिर नगरनार का NMDC प्लांट. यही कारण है कि मोदी जी के आने से कांग्रेस डरी हुई है.