जगदलपुर (अमन दास मानिकपुरी). बस्तर जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है. जिले के भानपुरी में जादू टोने के शक में एक ग्रामीण की सुपारी देकर हत्या करवाने का मामला प्रकाश में आया है. घटना के बाद पुलिस ने आज रविवार को इस मामले में शामिल सभी 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
मिली जानकारी के अनुसार भानपुरी थाना क्षेत्र के मरदियापारा निवासी मगड़ूराम बघेल अपने परिवार के साथ गांव में रहता था. वह खेती किसानी के साथ ही सिरहागुनिया का भी काम करता था. बीते 8 अगस्त को मंगड़ूराम अपने घर से बाजार जाने के लिए निकला हुआ था. लेकिन देर रात तक मंगड़ूराम घर वापस नही पहुंचा. जिसके बाद परिजनों ने उसे खोजना शुरू किया. मंगड़ूराम के नही मिलने के बाद परिजनों ने 10 अगस्त को उसके गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस लापता मंगड़ूराम की पतासाजी में जुट गई. इसी दौरान पुलिस को कोसारटेडा डैम के पास एक अज्ञात व्यक्ति की सड़ी गली लाश मिलने की सूचना मिली. लाश मिलने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई. लाश की शिनाख्ती मंगड़ूराम के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी. जांच की शुरुवात में ही पुलिस ने मंगड़ूराम की हत्या होने की आशंका जाहिर करते हुए मामले की बारीकी से जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मंगड़ूराम के द्वारा किये जा रहे सिरहागुनिया काम से गांव के कुछ लोग नाराज थे. इसी बीच पुलिस ने सोरगांव निवासी कालीचरण कश्यप नामक एक व्यक्ति को शक के आधार पर पकड़ लिया. इसके बाद पुलिस ने उससे कड़ी पूछताछ की. इस पूछताछ में कालीचरण ने मामले का खुलासा करते हुए पुलिस को बताया कि गांव के रहने वाले रामधर मंडावी, मनीराम बघेल, कसरू मंडावी और सुकमन पोड़यामी का मानना था कि बीते वर्षों में गांव में कुछ लोगों की अचानक मौत हो गई थी. मृतकों में इनके परिवार के कुछ सदस्य भी शामिल थे. इन सभी का मानना था कि इनके परिवार के सदस्यों की मृत्यु का कारण मंगड़ूराम बघेल ही है. इसके बाद इन सभी ने मिलकर ने मंगड़ूराम को जान से मारने की योजना बनाई. जिसके लिए इन लोगों ने कोंडागांव में रहने वाले एक सुपारी किलर विजय मंडावी से सम्पर्क किया. मंगड़ूराम को मारने के लिए कुल 85 हजार रुपये में सौदा तय हुआ. इन लोगों ने 40 हजार रुपये एडवांस के तौर पर कालीचरण और विजय को दे दिया. बाकी बचे 45 हजार रुपये काम पूरा हो जाने के बाद देने की बात हुई. सौदा होने के बाद कॉन्ट्रैक्ट किलर विजय और कालीचरण ने मंगड़ूराम की पहले रेकी की. इसके बाद 8 अगस्त को जब मंगड़ूराम बाजार से वापस घर जा रहा था. तभी रास्ते में पहले घात लगाए बैठे विजय और कालीचरण ने मंगड़ूराम के सिर पर डंडे से हमला कर दिया. अचानक हुए हमले में घायल होने की वजह से मंगड़ूराम सड़क में गिर गया. इसके बाद कालीचरण और विजय घायल मंगड़ूराम को झाड़ियों में लेकर चले गए. वहां उन्होंने मंगड़ूराम के सिर पर ताबतोड़ कई वार किए. जिससे मंगड़ूराम की मौके पर ही मौत हो गई. जिसके बाद कालीचरण और विजय ने लाश को घटनास्थल से लगभग 5 किमी दूर कोसारटेडा डैम के पास फेंक दिया. घटना को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए. मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों कालीचरण कश्यप (20) निवासी सोरगांव, विजय मंडावी (28) निवासी कोंडागांव, रामधर मंडावी (24) निवासी खण्डसरा, मनीराम बघेल (36) निवासी खण्डसरा, कसरू मंडावी (42) निवासी खण्डसरा और सुकमन पोड़यामी को धर दबोचा. कड़ी पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. फिलहाल पुलिस ने धारा 302, 201 (बी), 109 भादवि, छग टोहनी प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 की धारा 04, 05 के तहत मामला दर्ज करते हुए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है.