जगदलपुर (अमन दास मानिकपुरी)। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में बीते बुधवार को हुए बड़े नक्सली हमले के मामले को लेकर बस्तर आईजी ने बयान जारी किया है।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि बीते मंगलवार को पुलिस को अरनपुर थाना क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की मुखबिर से सूचना मिली थी। जिसके बाद देर रात डीआरजी और सीएएफ की एक संयुक्त टीम को मौके पर सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था। इसी बीच बुधवार के तड़के सुबह करीबन 6:30 बजे पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक जवानों को देखते ही उन पर फायरिंग करना शुरू कर दिया। हमला होते देख जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया। इसके बाद जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली वहां से फरार हो गए। मुठभेड़ के बाद जवानों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। जिसमें जवानों ने मौके पर से नक्सलियों के मिलिशिया सदस्य लखमा कवासी (30) और सन्ना उर्फ कोसा मंडावी (25) दोनों निवासी जगरगुंडा (सुकमा) को पकड़ लिया। मुठभेड़ के दौरान जांघ और हाथ में गोली लगने की वजह से सन्ना उर्फ कोसा घायल हो गया था। जिसे इलाज की सख्त जरूरत थी। घायल नक्सली को बेहतर उपचार के लिए डीआरजी की सभी टीम वापस जिला मुख्यालय के लिए लौट रही थी। इसी दौरान अरनपुर थाना क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा पहले से घात लगाकर डीआरजी की एक टीम की गाड़ी को अरनपुर से 2 किमी पहले पेड़का चौक पर आईईडी बम से ब्लास्ट कर दिया। ब्लास्ट करने के बाद नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग भी की। बस्तर आईजी ने बताया कि घटना के बाद घटनास्थल का निरीक्षण करने पर प्रथम दृष्टया में यह प्रतीत हुआ कि नक्सलियों ने उक्त आईईडी बम को लगभग डेढ़ से दो महीनों पहले ही सड़क के किनारे से सुरंग खोदकर प्लांट किया होगा। जिसे नक्सलियों ने सड़क के किनारे घने जंगल की आड़ लेकर जमीन के नीचे लगभग 2 से 3 इंच दबाकर करीबन 150 मीटर दूर से घटना को अंजाम दिया होगा। उन्होंने बताया कि उक्त रोड में समय समय पर डी माइनिंग की कार्रवाई की जारी थी। लेकिन नक्सलियों ने वहां सड़क के काफी नीचे आईईडी बम प्लांट कर रखा था। जिसकी वजह से डी माइनिंग के दौरान जवान उक्त बम को खोज नही पाए। हालांकि इसे लेकर भी जांच जारी है। बस्तर आईजी ने कहा कि इस घटना में सभी शहीद जवानों और वाहन चालक को विभागीय प्रावधान और शासन की पुनर्वास नीति के तहत अनुकंपा नियुक्ति, आर्थिक सहायता और समस्त सुविधाएं आगामी दिनों में जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। घटना के बाद से ही इलाके में लगातार पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
वहीं इस मामले को लेकर पुलिस ने नक्सलियों के दरभा डिवीज़न के कई कैडरों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 307, 302 भादवी 4, 5, आर्म्स एक्ट 25, 27, 13 (1), 38 (2), 39 (2) यूएपीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।