बीजापुर। आदिवासी अपनी जायज मांग पर आंदोलन रैली के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए जिला मुख्यालय आना चाहते है। उन आदिवासियों को रोकना और उनकी जायज मांगों को सरकार सुनना नही चाहती है। आखिर जिस आदिवासी साथियों की वजह से आज प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, मंत्री लखमा है विधायक विक्रम है आज यह आदिवासी की बात क्यों नही सुनना चाहते आखिर इन्हें किस बात से परहेज है। उक्त बातें पूर्व युवा आयोग सदस्य अजय सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही है।
अजय सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि राजनिति दल के कार्यक्रमों पर प्रशासन रैली सभा की अनुमति प्रदान करता है। वहीं आदिवसियों की रैली जो मूलभूत आदिवासियों को लेकर किया जाना होता है। उन्हें अनुमति नही दी जाती है, और उन्हें जिला मुख्यालय आने से रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। आखिर आदिवसियों को जिला मुख्यालय आने से रोकने का कारण क्या है, क्या आदिवासी मुख्यालय नही आ सकते क्या वो अपनी बात कलेक्टर के माध्यम से सरकार तक क्यों नही पहुँचा सकते। कल जिस तरह प्रशासन सरकार विधायक के इशारे पर आदिवासी को रोकने का काम किया उसकी कड़ी निंदा करता हूं। कल आदिवासी क्या चाह कलेक्टर आए और ज्ञापन लें चालों। आप उन्हें रोका पर आप कलेक्टर उनके बीच जा सकते थे। उन्हें सुन सकते थे, उनसे चर्चा कर उनकी मांगों पर भरोसा दिलाया जा सकता था। कलेक्टर के द्वारा पर ऐसा नही हुआ। आदिवासी को कलेक्टर कार्यलय आने से रोका गया पर कलेक्टर उनके पास जा सकते थे। आदिवसियों को नजर अंदाज करना कांग्रेस को भारी पड़ सकता है।