सुनील कश्यप, जगदलपुर- नक्सलियों की खोखली विचारधारा से तंग आकर और छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति व आम्चो बस्तर-आम्चो पुलिस अभियान से प्रभावित होकर 20 साल से नक्सली संगठन में सक्रीय जनताना सरकार के प्रमुख ईमानी माओवादी ने आज बस्तर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. जिसके ऊपर छत्तीसगढ़ सरकार ने 3 लाख रुपये का ईनाम घोषित कर रखा था.
बस्तर एसपी जितेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि बस्तर में लगातार नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है. और मुख्यधारा से भटके लोगो को वापस जोड़ने के लिए आम्चो बस्तर- आम्चो पुलिस अभियान अंदुरुनी क्षेत्रों में चलाया जा रहा है. जिसके प्रभावित होकर और 2 दशक से नक्सली संगठन में सक्रिय माओवादी ने सरेंडर किया है. समर्पित नक्सली पांडु मड़कामी चांदामेटा पटेलपारा जिला बस्तर का निवासी है. समर्पित नक्सली हत्या, अपहरण, मारपीट, जवानों हमला करना, डकैती, आईईडी बम लगाने, आगजनी जैसे 21 नक्सली वारदातों में शामिल रहा है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ व उड़ीसा सीमा क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ डंडे से मारपीट कर हत्या करने की वारदात में भी शामिल रहा है. मुख्यधारा में शामिल होने पर बस्तर पुलिस ने पुनर्वास नीति के तहत 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई है.