सुनील कश्यप, सुकमा। बस्तर के नक्सलगढ़ मे आज आज़ादी के 75 साल बाद पहली बार देश का तिरंगा ध्वज शान से फहराया है। बस्तर संभाग के सुकमा जिले के अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र मीनपा में बड़े ही उत्साह के साथ ग्रामीणों व जवानों ने ध्वजारोहण किया है। मूसलाधार बारिश के बीच इस समारोह में बढ़ चढ़कर ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। और भारत माता की जयकारा लगाते भी दिखे। नक्सलगढ़ में पहली बार तिरंगा लहराना पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

दरअसल सुकमा जिले का मीनपा इलाका अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र है। इस क्षेत्र को नक्सलियों का गढ़ भी कहा जाता है। 2020 में यहां नक्सलियों से मुठभेड़ में 17 DRG के जवान शहीद हो गए थे। यहां तक पहुंचना पुलिस के लिए काफी चुनौतीपूर्ण थी। यही कारण है कि यह इलाका नक्सलियों का गढ़ बन गया था। लेकिन कुछ समय से पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते इस इलाके में नक्सली बैकफुट पर हैं। जिसके चलते आज आजादी के 75 साल बाद राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा इस गाँव मे शान के लहराया है। और इस गाँव के ग्रामीण बड़े ही उत्साह और खुशी से तिरंगा के महत्व को समझे हैं। और यूं कहा जाए कि ग्रामीणों को आज इस क्षेत्र में नक्सलियों से आजादी मिली है।

स्वतंत्रता दिवस की सुबह ग्रामीण अपने गाँव से पुलिस कैम्प पहुंचे और जवानों द्वारा ध्वजारोहण रोहन करने के बाद ग्रामीणों में इक्षा जागी की वो अपने गाँव मे भी तिरंगा फहराये। जिसके बाद जवानों की सहायता से ग्रामीणों ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का गाँव के बीचोबीच ध्वजारोहण किया है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पहले नक्सलियों की हमेशा मौजूदगी रहा करती थी। और नक्सली इस क्षेत्र में काला झंडा फहराया करते थे। लेकिन आज पहली बाद तिरंगा फहराने से उनके अंदर काफी खुशी का माहौल है। इधर पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि यहां तक पहुंचने में पहले एक काफी समय लगता था। धीरे धीरे पुलिस यहां पहुंची है। और ग्रामीणों का विश्वास पुलिस के प्रति बढ़ा है यही कारण है कि ग्रामीण अब पुलिस से जुड़कर आगे आ रहे हैं। इसके अलावा यह भी बताया कि वह आने वाले दिनों में इस इलाके में पुलिस अंदरूनी क्षेत्रों में भी घुसेगी जिससे इस इलाके के पूर्ण नक्सलमुक्त किया जाए। ताकि इस क्षेत्र में विकास हो।

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