सुनील कश्यप, सुकमा। देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, और 13 अगस्त से हर घर तिरंगा घर-घर तिरंगा अभियान भी चलाया जा रहा है, इस अभियान को लेकर नक्सलगढ़ के ग्रामीणों और बच्चों में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है, कभी नक्सली खौफ के चलते तिरंगा लहराने से डरते यहां के ग्रामीण नक्सल मोर्चे पर तैनात सीआरपीएफ जवानों के साथ न सिर्फ हाथ में तिरंगा झंडा लेकर गांव में रैली निकाल रहे हैं, बल्कि भारत माता की जयकारा भी लगा रहे हैं, यह पहला मौका है जब करीब 4 दशकों बाद नक्सलियों के बिना खौफ के तिरंगा लेकर एक एक ग्रामीण और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे जवानों के साथ तिरंगा लहरा कर रैली निकालते दिखे, ग्रामीणों का कहना है कि नक्सली 15 अगस्त और 26 जनवरी को काला दिवस के रूप में मनाते हैं ऐसे में उन्होंने कभी गांव में तिरंगा लहराते नहीं देखा, लेकिन अब जवानों के यहां कैंप स्थापित करने के बाद एक नई जिंदगी उन्हें मिली है, और बिना डर के ग्रामीण अपने राष्ट्रीय पर्व को मना रहे हैं, वही पूरे ग्रामीण अंचलों में एक एक ग्रामीण अपने घरों में तिरंगा भी लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

राष्ट्रीय पर्व को मनाने ग्रामीणों में दिख रही खुशी

सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुन्नमगुड़ा गांव में सीआरपीएफ 131 वीं बटालियन के अधिकारियों ने बताया कि पहले इस गांव के ग्रामीण जवानों से डरते थे, और नक्सलियों का साथ देते थे, लेकिन पिछले एक-दो सालों से पुलिस के प्रति यहां के ग्रामीणों का विश्वास बढ़ा है। इस राष्ट्रीय पर्व को मनाने के लिए ग्रामीणों में काफी उत्साह नजर आता है, वही आजादी के अमृत महोत्सव पर हर घर तिरंगा घर-घर तिरंगा अभियान को लेकर भी सुन्नमगुड़ा, मुरलीगुड़ा ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है, बकायदा गांव के ग्रामीण और स्कूली बच्चे जवानों के साथ हाथों में तिरंगा लेकर रैली निकाल रहे हैं, साथ ही घरों में तिरंगा झंडा लगा रहे हैं।

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