सुनील कश्यप, जगदलपुर। बस्तर में डेंगू, मलेरिया, जापानी बुखार, मौसमी बीमारी व कोरोना के खतरे के बाद मंकी पॉक्स के दस्तक की आंशका बनी हुई है। आशंका है कि दंतेवाड़ा जिले के बचेली में तैनात सीआईएसएफ के दो जवान इसके शिकार हो गए हैं, जवानों को मंकी पॉक्स के लक्षण उभरने के बाद बस्तर के मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया है। दोनों ही जवान रविवार को हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद डॉक्टरों ने इनकी जांच की तो डॉक्टर चौंक गए। इनके शरीर पर मंकी पॉक्स के लक्षण जैसे चट्टेदार दाने उभर गए थे चूंकि अभी मंकी पॉक्स को लेकर प्रशासन सतर्कता बरत रहा है ऐसे में डॉक्टरों ने तत्काल दोनों जवानों की ट्रेवल हिस्ट्री पूछी। इसके बाद एक जवान ने बताया कि वह हाल ही में दिल्ली से लौटा है जबकि दूसरा जवान बचेली में ही था और कहीं बाहर नहीं गया था जैसे ही डॉक्टरों को जवान की ट्रेवल हिस्ट्री पता चली तो फिर इनके मंकी पॉक्स की जांच करवाने का फैसला।

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर नवीन दुल्हानी ने बताया कि दो जवान हॉस्पिटल में भर्ती हुए हैं। इनके शरीर में दाने निकल गए हैं दानों में लिमफोल्ड नहीं है, लेकिन लक्षण मंकी पॉक्स जैसे हैं। उन्होंने कहा हो सकता है कि दोनों जवान चिकन पॉक्स या मीजेल्स के शिकार भी हो सकते हैं। डॉक्टर नवीन ने बताया कि राहत की बात यह है कि अभी दोनों जवानों के पैर के तलवों और हथेली में दाने नहीं उभरे हैं सबसे ज्यादा दाने इनके सीने और पेट के पास ही मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इनके सैंपल की जांच के लिए पुणे लैब भेजा गया है वहां से दो दिनों में रिपोर्ट आ जाएगी इसके बाद स्थिति साफ होगी की जवान कौन से बीमारी की चपेट में हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है मंकी पॉक्स सहित अन्य सभी बीमारियों का इलाज संभव है बस लोगों को इस तरह की बीमारियों से बचाव के लिए उपाय करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed