सुनील कश्यप, जगदलपुर- जिला मुख्यालय जगदलपुर से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत केशलूर में जल संकट का खतरा मंडराने लगा है। पंचायत के जिम्मेदार सरपंच नकुल मौर्य की लापरवाही के चलते ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
ग्राम पंचायत केशलूर मुरुमगुड़ा पारा के ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से यहां नल जल योजना के तहत कनेक्शन दिया गया है। लेकिन नल जल योजना के तहत लगी पाइप ढलाव-चढ़ाव होने के चलते सभी को बराबर पानी नहीं मिलता है। क्योंकि जिम्मेदारों ने इसे बिना जिम्मेदारी के ही लगाकर योजना का बंदरबांट किया। इस नल जल कनेक्शन में नल का लेबल नहीं किया गया। और आनन-फानन में योजना के तहत पाइप बिठाकर कनेक्शन दिया गया। लेकिन उसमें पानी सही रीती से नहीं मिल पा रहा है।
इधर सभी को बराबर पानी मिले इसकी मांग को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत केशलूर के जिम्मेदार सरपंच नकुल मौर्य से बातचीत की। लेकिन नकुल मौर्य की लापरवाही और उदासीनता के चलते ग्रामीणों को प्रतिदिन पानी की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। बूंद बूंद पानी के लिए ग्राम वासियों को प्रतिदिन जूझना पड़ रहा है। पानी नहीं मिलने पर पाइप से पानी खींच खींच कर भरना पड़ रहा है। लेकिन ग्राम पंचायत केशलूर के सरपंच नकुल मौर्य को ग्रामीणों की चिंता नहीं है। वे ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं को दूर करने में सक्षम नजर आ रहे हैं।
एक तरफ सरकार अमृत मिशन योजना के तहत प्रत्येक लोगों तक पानी पहुंचाने की बात कह रही है वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदारों की जानकारी में रहने के बाद भी ग्रामीणों को पानी की समस्या से प्रतिदिन दो-चार होना पड़ रहा है। ऐसे में पिछड़ा इलाका कहे जाने वाले बस्तर में विकास कैसे प्रत्येक ग्रामीणों तक पहुंचेगा।