जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के मंदिर में हुई सनसनीखेज चोरी ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. जहाँ एक ओर जिला पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में दबिश दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली और गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

क्या सोती रही कोतवाली पुलिस ?

​शहर के सबसे हृदय स्थल और बेहद संवेदनशील माने जाने वाले माँ दंतेश्वरी मंदिर परिसर में चोर ने 23 और 24 जनवरी की दरमियानी रात सेंधमारी की. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर कोतवाली थाने के बेहद करीब है, इसके बावजूद चोर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल गया. सवाल यह उठ रहा है कि रात के समय कोतवाली पुलिस की पेट्रोलिंग टीम कहाँ थी? क्या व्यस्ततम चौक-चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागजों तक सीमित है?

सीसीटीवी से पहचान, 5000 का इनाम

​पुलिस प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 विशेष टीमों का गठन किया है. शहर के लगभग 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के बाद पुलिस ने आरोपी के चेहरे की पहचान करने का दावा किया है. पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की सटीक सूचना देने वाले को 5000 रुपये का नगद इनाम देने की घोषणा की है.

पड़ोसी राज्यों में तलाश तेज

​बस्तर पुलिस की 4 से 5 टीमें वर्तमान में ओडिशा और अन्य सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध की तलाश कर रही हैं. फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होगा.

भक्तों में आक्रोश

​इतने प्रतिष्ठित मंदिर में सुरक्षा की चूक को लेकर श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है. लोगों का मानना है कि यदि कोतवाली पुलिस मुस्तैद होती और रात्रि गश्त प्रभावी होती, तो आस्था के इस केंद्र में चोर घुसने की हिम्मत नहीं कर पाता. फिलहाल, पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के भरोसे अपनी साख बचाने की कोशिश में जुटी है.

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