सुकमा (डेस्क) – जिले के कोंटा क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरीश कवासी ने कोंटा के खाद्य अधिकारी पर पद की गरिमा के विपरीत व्यवहार करने और जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है. हरीश कवासी का कहना है कि कोंटा जैसे सुदूर अंचल में रहने वाले ग्रामीण अक्सर अपनी छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों से संपर्क करते हैं. इसी कड़ी में मरईगुड़ा के किसानों ने धान खरीदी से संबंधित एक शिकायत लेकर उनसे संपर्क किया था, जिसके समाधान के लिए जब हरीश कवासी ने खाद्य अधिकारी को फोन किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
हैरानी की बात तब सामने आई जब पूर्व सरपंच हपका मारा के माध्यम से अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई. हरीश कवासी के अनुसार, अधिकारी ने उनसे बात करने से साफ इनकार कर दिया और अहंकारपूर्ण लहजे में कहा कि वे किसी भी नेता या मंत्री से फोन पर बात नहीं करते हैं. इस रवैये को लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताते हुए हरीश कवासी ने जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत कर उक्त अधिकारी को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में एक प्रमुख राजनीतिक पद पर हैं, ऐसे में यदि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के प्रति ऐसा उपेक्षापूर्ण व्यवहार करेंगे तो आम ग्रामीणों की सुनवाई कैसे होगी. हरीश कवासी ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि अधिकारी को वहां से नहीं हटाया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.