जगदलपुर (डेस्क) – आजकल के दौर में जहाँ तकनीक जीवन को आसान बना रही है, वहीं साइबर अपराधी मासूम लोगों, खासकर बुजुर्गों को अपना निशाना बना रहे हैं. बस्तर पुलिस ने इन “डिजिटल लुटेरों” के खिलाफ एक बड़ी मुहिम छेड़ दी है. पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के नेतृत्व में जिले भर के पुलिस अधिकारियों ने घर-घर जाकर बुजुर्गों को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया.

“डिजिटल अरेस्ट” के डर को किया खत्म

​अक्सर ठग पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं और बुजुर्गों को “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी देकर लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं. बस्तर पुलिस ने साफ शब्दों में संदेश दिया है कि “भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं है.” पुलिस ने बुजुर्गों को समझाया कि वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करने वाला हर शख्स पुलिसवाला नहीं, बल्कि एक शातिर अपराधी हो सकता है.

घर – घर पहुंची पुलिस : 100 से अधिक परिवारों से सीधा संवाद

​रजत जयंती वर्ष (2025-26) के तहत चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में बस्तर पुलिस ने केवल थानों तक सीमित न रहकर, खुद लोगों के घरों तक पहुंच बनाई.

रिटायर्ड कर्मचारियों पर फोकस : अकेले रहने वाले और सेवानिवृत्त बुजुर्गों को बीमा, इन्वेस्टमेंट और पेंशन के नाम पर होने वाले स्कैम के बारे में विस्तार से बताया गया.

पाम्पलेट और वीडियो का सहारा : थाना प्रभारियों ने पाम्पलेट बांटकर और वीडियो दिखाकर साइबर अपराध के नए तरीकों का खुलासा किया.

हाट – बाजार से लेकर गलियों तक जागरूकता की गूंज

​यह मुहिम सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है. जिले के अंदरूनी इलाकों में लगने वाले साप्ताहिक हाट-बाजारों और चलित थानों के माध्यम से ग्रामीणों को ‘अभिव्यक्ति एप’ और ‘डायल 112’ जैसी सुविधाओं की जानकारी दी गई. युवाओं और छात्रों को भी इस मुहिम से जोड़ा गया ताकि वे अपने घर के बड़ों को जागरूक रख सकें.

बस्तर पुलिस का सुरक्षा मंत्र

“ठगों के वीडियो कॉल से मत डरो. रुको, सोचो और फिर एक्शन लो.”

मुसीबत में यहां करें फ़ोन

​अगर आप या आपके आसपास कोई भी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो बिना देर किए इन नंबरों पर संपर्क करें:

साइबर हेल्पलाइन : 1930 (तत्काल कॉल करें)

पोर्टल : www.cybercrime.gov.in

स्थानीय मदद : नजदीकी थाना प्रभारी या बीट अधिकारी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed