जगदलपुर (डेस्क) – धान खरीदी के सीजन में अवैध कमाई की फिराक में बैठे बिचौलियों और मिल मालिकों के बीच हड़कंप मच गया है. बकावंड में प्रशासन ने एक ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक की है, जिसने धान की रीसाइक्लिंग के बड़े रैकेट की कमर तोड़ दी है. कलेक्टर हरिस एस. के रडार पर आई लक्ष्मी गणेश राइस मिल में जब अधिकारियों ने दबिश दी, तो जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था.

रंगे हाथों पकड़ी गई मिल, सबूत देख उड़े होश

​शिकायतों के आधार पर जब एसडीएम मनीष वर्मा की टीम ने मिल के भीतर धावा बोला, तो वहां कागजों में हेराफेरी का गंदा खेल चल रहा था.

पकड़ा गया सबूत : मिल की कांटा पंजी में वाहन क्रमांक CG 17 KT 0804 की एंट्री मिली, जिसने रीसाइक्लिंग के पूरे खेल को बेनकाब कर दिया.

मौके पर सन्नाटा : मिल पार्टनर अमित गुप्ता की मौजूदगी में जब जांच हुई, तो दावों की पोल खुल गई.

प्रशासन का कड़ा प्रहार

​प्रशासन ने नरमी दिखाने के बजाय सीधे एक्शन मोड में आते हुए मिल को पूरी तरह सील कर दिया है. जब्त किए गए सामान की लिस्ट देखिये:

● ​3000 क्विंटल धान (कीमत लाखों में)

● ​870 क्विंटल चावल (पूरी मिल को किया गया सीज)

फिल्मी स्टाइल में पकड़ी गई पिकअप

​सिर्फ मिल ही नहीं, प्रशासन ने उस पिकअप का भी पीछा किया जो सबूत मिटाने की फिराक में थी. ग्राम मूली में CG 17 KT 0804 को घेराबंदी कर रोका गया. तलाशी में गाड़ी के अंदर से तौल पत्रक (Weight Slip) बरामद हुई, जो इस अवैध धंधे का सबसे बड़ा ‘डेथ वारंट’ साबित हुई. गाड़ी में लदा 27.60 क्विंटल धान जब्त कर गाड़ी को बकावंड थाने के हवाले कर दिया गया है.

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