जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर जिले में शिक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है. अब जिले के शासकीय स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की हाजिरी रजिस्टर पर नहीं, बल्कि मोबाइल ऐप के जरिए लगेगी. जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करते हुए ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ (VSK) ऐप को अनिवार्य कर दिया है.
स्कूल कैंपस बनेगा ‘हाजिरी जोन’, घर से रेजिस्ट्रेशन पड़ेगा भारी
इस नई व्यवस्था में सबसे पेंचीदा और महत्वपूर्ण पहलू जीपीएस (GPS) लोकेशन है. विभाग ने तकनीकी निर्देश जारी करते हुए शिक्षकों को आगाह किया है कि वे इस ऐप को भूलकर भी घर से इंस्टॉल या रजिस्टर न करें.
दरअसल, यह ऐप ‘जियो-फेंसिंग’ तकनीक पर काम करता है. जब कोई शिक्षक पहली बार इस ऐप पर पंजीकरण (Registration) करता है, तो सिस्टम उसी स्थान को शिक्षक के कार्यस्थल (स्कूल) के रूप में रिकॉर्ड कर लेता है. यदि पंजीकरण स्कूल परिसर के बाहर से किया गया, तो भविष्य में स्कूल पहुंचने पर भी लोकेशन मैच नहीं होगी और आपकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाएगी.
सीधे दिल्ली की निगरानी में होगा बस्तर का शिक्षा डेटा
राज्य शासन के इस कदम का उद्देश्य केवल हाजिरी लेना ही नहीं, बल्कि डेटा को पारदर्शी बनाना है. विद्यालय से प्राप्त उपस्थिति का यह डेटा सीधे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र को भेजा जाएगा. इससे स्कूलों में शिक्षकों की नियमितता और छात्रों की उपस्थिति की समीक्षा सीधे केंद्र स्तर पर की जा सकेगी.
शिक्षकों के लिए जरूरी बातें
अनिवार्य निर्देश : विद्यालय पहुंचने के बाद ही ऐप इंस्टॉल और सेटअप करें.
लोकेशन परमिट : ऐप इंस्टॉल करते समय लोकेशन परमिशन को ‘Allow’ करना न भूलें.
अधिकारियों की नजर : सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और प्राचार्यों को इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.
शिक्षा विभाग की इस कवायद से जहां एक ओर कागजी कामकाज कम होगा, वहीं दूसरी ओर ड्यूटी से नदारद रहने वाले शिक्षकों पर लगाम कसी जा सकेगी. बस्तर के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए इसे एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है.