सुकमा (डेस्क) – बस्तर के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान में सुरक्षाबलों को आज एक और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है. सुकमा जिले के किस्टाराम इलाके में हुई एक भीषण मुठभेड़ में जवानों ने 12 माओवादियों को मार गिराया है.
ऑपरेशन की मुख्य बड़ी बातें :
सटीक सूचना पर वार : DRG सुकमा की टीम ने पलोड़ी और पोटाकपल्ली से देर शाम एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया था.
पावलूर के जंगलों में मुठभेड़ : किस्टाराम थाना क्षेत्र के पावलुर के पास सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच आमना-सामना हुआ.
बड़े लीडर का खात्मा : मारे गए नक्सलियों में मंगडू (सचिव, कोंटा एरिया कमेटी) भी शामिल है, जो इलाके में कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड था.
घातक हथियारों की बरामदगी : मौके से AK-47 और INSAS जैसे ऑटोमैटिक हथियार बरामद किए गए हैं, जो नक्सलियों की मजबूत उपस्थिति को दर्शाते हैं.
क्यों है यह “जबरदस्त” कामयाबी ?
यह केवल एक मुठभेड़ नहीं है, बल्कि नक्सलियों के रणनीतिक गढ़ (Tactical Core) पर एक सीधा प्रहार है. कोंटा एरिया कमेटी के सचिव का मारा जाना इस क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क की कमर तोड़ने जैसा है. घने जंगलों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद DRG के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए इस ऑपरेशन को अंजाम दिया.
पुलिस अधिकारी ने कहा कि ”जवानों का हौसला बुलंद है और इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है. अन्य नक्सलियों की शिनाख्त की जा रही है.”