जगदलपुर (डेस्क) – अगर आप 11 जनवरी को होने वाली रसायनज्ञ भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तो रुकिए! अपनी पसंद के कपड़े और जूते पहनने की गलती आपको परीक्षा से बाहर कर सकती है. नकल रोकने के लिए छत्तीसगढ़ व्यापम ने इस परीक्षा के लिए इतने सख्त नियम लागू किए हैं कि जानकर अभ्यर्थी और उनके परिजन हैरान हैं.
न जूता, न मोजा… सिर्फ चप्पल में एंट्री !
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा केंद्र के भीतर जूते और मोजे पहनकर जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. कड़ाके की ठंड के बावजूद अभ्यर्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही आना होगा. इतना ही नहीं, कमर पर बेल्ट, हाथ में घड़ी, कड़ा या मामूली धागा बांधने पर भी रोक लगा दी गई है.
ड्रेस कोड ऐसा कि उड़ जाएंगे होश
नियम केवल जूतों तक सीमित नहीं हैं. परीक्षार्थियों के लिए ड्रेस कोड भी तय कर दिया गया है:
हाफ टी शर्ट अनिवार्य : परीक्षार्थी केवल हल्के रंग की ‘हाफ टी-शर्ट’ और हल्के कपड़े ही पहन सकेंगे.
आभूषणों पर ‘नो एंट्री’ : महिला अभ्यर्थियों के लिए कान की बाली, झुमका और अन्य गहने पहनकर आना मना है.
स्कार्फ और टोपी भी बैन : सिर पर स्कार्फ, टोपी या फैंसी चश्मा लगाने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी.
ढाई घंटे पहले पहुंचना होगा, मेटल डिटेक्टर से होगी ‘कड़ी’ चेकिंग
परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू होगी, लेकिन अभ्यर्थियों को ढाई घंटे पहले (सुबह 8:30 बजे) केंद्र पर हाजिर होना होगा. मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर से सघन तलाशी ली जाएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रवेश पत्र में फोटो धुंधली हुई और अभ्यर्थी के पास दो अतिरिक्त रंगीन फोटो नहीं मिले, तो उसे बेरंग वापस लौटा दिया जाएगा. वहीं अभ्यर्थी को एक मूल पहचान पत्र भी साथ लाना होगा.
दो केंद्रों में 796 अभ्यर्थी देंगे ‘अग्निपरीक्षा’
जगदलपुर के दो केंद्रों—शासकीय दंतेश्वरी कॉलेज और महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल—में यह परीक्षा आयोजित होगी. नकल रोकने के नाम पर लागू किए गए इन ‘कठोर’ नियमों ने अभ्यर्थियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं.