सुकमा (डेस्क) – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस सुकमा जिले में उत्साह, अनुशासन और गौरवमयी वातावरण में मनाया गया. इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी ने अपनी ऐतिहासिक विरासत को याद करने के साथ-साथ भविष्य की रणनीति का खुलासा करते हुए ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ का शंखनाद किया.
राजीव भवन में हुआ ध्वजारोहण, गूंजे संविधान रक्षा के नारे
रविवार को जिला मुख्यालय स्थित राजीव भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीश कवासी लखमा ने विधिवत ध्वजारोहण किया. ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित कार्यकर्ताओं ने तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्र निर्माण में कांग्रेस के योगदान को नमन किया. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी का झंडा और ‘संविधान बचाओ’ के नारे लगाते हुए नगर भ्रमण किया, जिससे पूरा शहर कांग्रेसमय नजर आया.
“कांग्रेस राजनीतिक दल नही, भारत की आत्मा है”
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास देश की आजादी और लोकतंत्र की मजबूती से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि ”कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई से लेकर आज तक हर दौर में देश को दिशा दी है. हम उन बलिदानियों को नमन करते हैं जिन्होंने संविधान की नींव रखी. आज जब लोकतंत्र पर चुनौतियां बढ़ रही हैं, कांग्रेस नफरत और तानाशाही के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी.”
5 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ का आगाज
स्थापना दिवस के इस ऐतिहासिक मौके पर कांग्रेस ने एक बड़ा राजनीतिक निर्णय लेते हुए ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ की घोषणा की. जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि आगामी 5 जनवरी से इस अभियान की शुरुआत गांव-गांव जाकर की जाएगी.
अभियान के मुख्य बिंदु
● संवैधानिक अधिकार : कांग्रेस मनरेगा को केवल योजना नहीं, बल्कि काम का संवैधानिक अधिकार मानती है.
● मजदूर हित : मजदूरों को समय पर रोजगार और पूरी मजदूरी दिलाना प्राथमिकता होगी.
● विरोध का स्वर : योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने या इसे कमजोर करने की किसी भी साजिश का लोकतांत्रिक विरोध किया जाएगा.
● जनसंपर्क : कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर ग्राम सभा के अधिकारों और मजदूरों के हितों के लिए संघर्ष करेंगे.
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
इस गरिमामय कार्यक्रम में जिला एवं नगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के सदस्यों सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे. कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में मजदूरों की आवाज बुलंद करने और संविधान की रक्षा का सामूहिक संकल्प दोहराया.