दंतेवाड़ा (डेस्क) – शुक्रवार की दोपहर दंतेवाड़ा का व्यस्त बाजार क्षेत्र अचानक उस वक्त दहल उठा, जब सुकमा में पदस्थ जांबाज DSP तोमेश वर्मा लहूलुहान हालत में एक हमलावर को दबोचे नजर आए. पहले इसे ‘बहादुरी और रंजिश’ का मामला बताया गया, लेकिन FIR की कॉपी सामने आते ही इस कहानी में हनीट्रैप, किडनैपिंग और 25 लाख की फिरौती का ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पुलिस महकमे के होश उड़ा दिए हैं.

‘केस खत्म, अब समझौता कर लेते हैं’

​पुलिस विभाग द्वारा जारी शुरुआती जानकारी में इसे दुर्ग कोर्ट की पुरानी रंजिश बताया गया था, लेकिन FIR के पन्ने कुछ और ही गवाही दे रहे हैं. असल कहानी 18 दिसंबर की रात 11 बजे शुरू हुई, जब आरोपी महिला राधा (बदला हुआ नाम) ने DSP को फोन किया.

महिला का झांसा : “तुम केस जीत गए हो, अब मैं हाईकोर्ट जा रही हूं. दंतेवाड़ा में मिलकर बीच का रास्ता निकाल लेते हैं.”

जाल में अफसर : रिमांड के काम से दंतेवाड़ा पहुंचे DSP को अंदाजा भी नहीं था कि यह मुलाकात एक खूनी जाल है.

3 घण्टे का ‘डेथ ट्रैप’ : सरकारी स्कार्पियो बनी जेल

​दोपहर 11 बजे राधा, DSP की सरकारी स्कॉर्पियो (CG 18 N 0570) में बैठी और वहीं से शुरू हुआ खौफ का खेल. महिला ने चलती गाड़ी में DSP की कमर पर चाकू अड़ा दिया. 11 बजे से 2 बजे तक DSP अपनी ही गाड़ी में बंधक बने रहे. आरोपी महिला बार-बार 25 लाख रुपये की मांग कर रही थी और धमकी दे रही थी कि “पैसे दो वरना खुद की नस काटकर तुम्हें हत्या के केस में फंसा दूंगी.”

एंट्री हुई ‘शूटर’ की : गर्दन पर सीधे हमले का खौफनाक मंजर

​कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब गाड़ी TVS शोरूम के पास पहुंची. वहां पहले से ही दूसरा आरोपी रविशंकर साहू घात लगाए बैठा था. रविशंकर ने गाड़ी रुकवाई और दरवाजा खोलते ही सीधे DSP की गर्दन पर जानलेवा वार किया. DSP ने फुर्ती दिखाते हुए गर्दन घुमाई, जिससे चाकू गले के बजाय ठुड्डी (Chin) पर लगा. इसके बाद पेट पर हुए हमले को भी अफसर ने नाकाम कर दिया. शरीर से खून बह रहा था, लेकिन DSP ने अदम्य साहस दिखाते हुए हमलावर रविशंकर को वहीं दबोच लिया और राहगीरों की मदद से उसे पुलिस के हवाले किया.

बड़े सवाल : क्या ये सोची – समझी साजिश थी ?

​दंतेवाड़ा पुलिस ने अब आरोपियों के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं (119(2), 308, 109, 121(1), 132) के तहत केस दर्ज किया है.

दोषमुक्ति का बदला : सितंबर 2025 में दुर्ग कोर्ट से DSP के पक्ष में आए फैसले ने आरोपियों को बौखला दिया था.

हनीट्रैप एंगल :​ क्या महिला का मकसद सिर्फ बदला लेना था या फिर मोटी रकम वसूलने के लिए यह पूरा ड्रामा रचा गया था?

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