जगदलपुर (डेस्क) – ग्रामीण संस्कृति और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देने की पहल के तहत, जिला पंचायत सदस्य शंकुतला कश्यप ने हाल ही में ग्राम पंचायत उसरी और बालेंगा में आयोजित भव्य जगार उत्सव में शिरकत की. उनकी उपस्थिति ने न केवल ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि स्थानीय परंपराओं के प्रति उनके समर्पण को भी दर्शाया.
खेलों को प्रोत्साहन, उज्ज्वल भविष्य की कामना
ग्राम पंचायत उसरी में आयोजित महा लक्ष्मी जगार उत्सव के उपलक्ष्य में, श्रीमती कश्यप ने कबड्डी प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया. उन्होंने युवा खिलाड़ियों की खेल भावना की सराहना की और उन्हें संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
शंकुतला कश्यप ने कहा, “खेल और ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देते हैं. मैं हमेशा यहां के लोगों और खिलाड़ियों के साथ खड़ी हूँ, ताकि हमारी संस्कृति और परंपराएं हमेशा जीवंत बनी रहें.”
धार्मिक आस्था का संगम और सामुदायिक भोजन

बालेंगा में आयोजित वैभव लक्ष्मी जगार उत्सव के समापन समारोह में, उन्होंने भंडारा के आयोजन में भाग लिया और मां वैभव लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त किया. यह आयोजन सामुदायिक सद्भाव और धार्मिक आस्था का सुंदर उदाहरण बना. इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया.
एकता और संस्कृति को बल
श्रीमती कश्यप ने ज़ोर देकर कहा कि जगार उत्सव जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन ग्रामीणों के बीच एकता और सामुदायिक भावना को मजबूत करते हैं. ये आयोजन ग्रामीणों को अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को गर्व के साथ प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं.
उनकी इस सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संस्कृति और खेलों के प्रति नया जोश देखने को मिला है. इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत उसरी के सरपंच मंदेश मौर्य, मधोता 02 के सरपंच ईस्पर मंडावी सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे.