जगदलपुर (डेस्क) – छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल पर राज्य सरकार द्वारा आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लगाए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने इस कार्रवाई को “भाजपा सरकार की तानाशाही का प्रमाण” बताते हुए कहा कि मोदी की गारंटी के नाम पर सत्ता में आई सरकार अब कर्मचारियों पर बर्बरता पर उतर आई है.

हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा : तानाशाही का आरोप

​सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आरोप लगाया कि सरकार हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की चार-सूत्रीय मांगें सुनने के बजाय उन पर एस्मा जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा, “कर्मचारी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनसे बात करने या बीच का रास्ता निकालने के बजाय सीधे एस्मा लागू कर दिया. यह भाजपा सरकार की झूठी वादों एवं कुत्सित तानाशाही का प्रत्यक्ष प्रमाण है.”

​कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि धान खरीदी कार्य में बाधा डालने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की शासन की धमकी पूरी तरह गलत है और पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है.

धान खरीदी में व्यावक अव्यवस्था

​सुशील मौर्य ने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में धान खरीदी की तैयारी में भारी खामी और अव्यवस्था है और यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार हो रहा है.

दावे फेल : सुशील मौर्य के अनुसार, धान खरीदी को लेकर सरकार के सभी दावे पूरी तरह से फेल हो चुके हैं.

किसान परेशान : पहले ही दिन से किसान टोकन, बारदानों और तौलकाटा का इंतजार कर रहे हैं और निराश होकर लौट रहे हैं.

वैकल्पिक व्यवस्था झूठी : उन्होंने कहा कि न तो ऐप से टोकन जारी हो रहा है और न ही उपार्जन केंद्रों में ऑफलाइन व्यवस्था है. सरकार का वैकल्पिक व्यवस्था का दावा झूठा निकला है, क्योंकि खरीदी केंद्रों पर कोई जिम्मेदार कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं है.

वादाखिलाफी और उग्र आंदोलन की चेतावनी

​कांग्रेस नेता ने सरकार पर सहकारी सोसायटी कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले खरीफ सीजन में लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया. अब कर्मचारियों को एस्मा लगाकर नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है.

​सुशील मौर्य ने चेतावनी दी कि अगर किसान विरोधी भाजपा सरकार जल्द से जल्द धान खरीदी का कार्य निर्बाध रूप से शुरू नहीं करती है, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी. उन्होंने कहा कि धान खरीदी के नाम पर भाजपा सरकार केवल “विज्ञापन और इवेंट” कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत सरकार के दावों के विपरीत है.

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