जगदलपुर (डेस्क) – कार्तिक मास की पवित्रता और सामाजिक एकजुटता के संदेश के साथ, द बस्तर डिस्ट्रिक आंध्र समाज एसोशिएसन का वार्षिक ‘वन भोजनम’ कार्यक्रम रविवार को शहर से सटे लामिनी पार्क में बड़े ही उत्साह और पारंपरिक ढंग से आयोजित किया गया. यह आयोजन बस्तर और पड़ोसी राज्यों के आंध्र समाज के सदस्यों के लिए एक शानदार मिलनसारिता का अवसर बना.

परंपरा और भक्ति का सुंदर मेल

​कार्यक्रम का शुभारंभ पवित्र आंवले के वृक्ष की पूजा-अर्चना के साथ हुआ. समाज के अध्यक्ष एम. जयंत नायडू सहित सभी भक्तों ने पूरे विधि-विधान के साथ भक्ति भाव से पूजा की, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो गया. अध्यक्ष ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कार्तिक मास के पावन दिनों में समाज में एकजुटता और भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करना है.

संस्कृति और मनोरंजन की शानदार प्रस्तुति

​वन भोजनम केवल धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह संस्कृति और कला का भी एक जीवंत मंच बना. पूरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही:

संगीत का जादू : ओडिशा के जयपुर से आए प्रसिद्ध गायक अक्षय ने अपने मधुर तेलुगू गीतों से समां बाँध दिया. स्थानीय संगीतकार वंदना पॉल और सूररत्न म्यूजिकल ग्रुप के संचालक पी. रामकृष्ण नायडू ने भी अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया.

प्रतियोगिताएं : महिलाओं, बच्चों और पुरुषों के लिए रोमांचक खेल, नृत्य, गीत और संगीत की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जो लगभग तीन घंटे तक चलीं. इन प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम में ख़ूब रंग भरा.

पुरस्कार वितरण : कार्यक्रमों के समापन पर सभी प्रतिभाशाली प्रतिभागियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया गया.

दक्षिण भारतीय व्यंजनों का अनूठा स्वाद

​कार्यक्रम में शामिल बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद के रूप में विविध प्रकार के स्वादिष्ट दक्षिण भारतीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया, जो इस सामुदायिक भोजन को और भी विशेष बना गया.

विशेष उपस्थिति और भविष्य का संकल्प

​कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर के विधायक किरण देव, महापौर संजय पांडे सहित कई गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर समाज का उत्साह बढ़ाया. आंध्र समाज के अध्यक्ष एम. जयंत नायडू और उनकी पूरी कार्यकारिणी, जिसमें सचिव यशवर्धन राव और कोषाध्यक्ष राजरत्नम नायडू शामिल थे, ने सफल आयोजन सुनिश्चित किया.

​इस अवसर पर, समाज के प्रयासों की सराहना की गई, जिसमें गंगामुंडा तालाब परिसर में भव्य शिव मंदिर का निर्माणाधीन कार्य भी शामिल है. साथ ही, 40 दिनों की दीक्षा लेकर सबरीमाला तीर्थ जाने वाले स्वामीगणों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की पवित्रता को और बढ़ा दिया.

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